रिहा होते ही लश्कर सरगना हाफिज सईद ने उगला आग, फिर हिरासत का दबाव
रिहा होते ही लश्कर सरगना हाफिज सईद ने उगला आग, फिर हिरासत का दबाव
26 नवंबर को मुंबई हमले की बरसी है, लेकिन इससे ऐन पहले पाकिस्तानी अदालत ने इस हमले के मास्टर माइंड और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को रिहा कर दिया है। आतंकवादी सरगना हाफिज सईद ने नज़रबंदी से रिहाई मिलते ही एक बार फिर भारत के खिलाफ आग उगला और वीडियो जारी कर नापाक मंसूबे जाहिर किए।
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लश्कर सरगना हाफिज सईद ने अपने ज़हरीले संदेश में अपनी रिहाई को पाकिस्तान की आज़ादी की जीत करार दिया। उसने अपनी रिहाई पर खुदा का शुक्र जताते हुए कहा है कि कश्मीर जल्दी ही आज़ाद होगा। ये वीडियो जमात-उद-दावा के नाम से जारी किया गया है, जिसके बारे में लश्कर सरगना दावा करता है कि ये एक चैरिटी संगठन है। दूसरी ओर, भारत और अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों का मानना है कि जमात-उद-दावा पाकिस्तान की जमीन से संचालित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की मुखौटा है, जिसका प्रमुख हाफिज सईद है।
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हाफिज सईद की रिहाई के खिलाफ पंजाब की प्रांतीय सरकार ने याचिका दी थी, जिसमें कहा गया था कि माहौल बिगड़ने से बचाने के लिए एहतियान नजरबंदी की मियाद बढ़ाई जानी चाहिए। इस दलील को अदालत ने खारिज कर दिया। सईद के वकील ए.के. डोगर ने कहा, ‘लाहौर हाई कोर्ट के समीक्षा बोर्ड ने पंजाब सरकार से हाफिज सईद के खिलाफ सबूत पेश करने को कहा था, लेकिन, सरकार ऐसा करने में नाकाम रही।’ बोर्ड ने कहा कि सईद के खिलाफ कुछ भी नहीं है, इसलिए उसे रिहा किया जाना चाहिए। इसी के बाद हाफिज सईद को आज नजरबंदी से रिहा कर दिया गया।
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भारत ने हाफिज सईद की रिहाई पर गहरी नाराजगी जताते हुए इस कदम को संयुक्त राष्ट्र घोषित आतंकवादियों को ‘मुख्यधारा’ में लाने का पाकिस्तान का प्रयास करार दिया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हाफिज सईद को रिहा किया जाना आतंकवादियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने की दिशा में पाकिस्तान की ‘गंभीरता में अभाव’ तथा सरकार से इतर तत्वों का बचाव एवं संरक्षण करने के प्रयास को दर्शाता है. भारत ने कहा कि यह पाकिस्तान का असली चेहरा दिखाता है.
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दूसरी ओर, अमेरिका ने भी दोहराया है कि लश्कर-ए-तैयबा एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है और अमेरिका का ये मानना है कि ऐसे संगठन और इससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। खबरों के मुताबिक अमेरिका समेत विश्व समुदाय के बढ़ते दबाव में पाकिस्तान सरकार हाफिज सईद पर नए मामले दर्ज कर सकती है. खबर है कि पाक सरकार हाफिज की रिहाई के बारे में हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका भी दायर कर सकती है.
वेब डेस्क, IBC24

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