मिजोरम में अंतिम उग्रवादी समूह ने हथियार डाले, राज्य ‘उग्रवाद मुक्त’ हुआ: मुख्यमंत्री लालदुहोमा
मिजोरम में अंतिम उग्रवादी समूह ने हथियार डाले, राज्य ‘उग्रवाद मुक्त’ हुआ: मुख्यमंत्री लालदुहोमा
आइजोल, 30 अप्रैल (भाषा) मिजोरम में सक्रिय अंतिम जातीय उग्रवादी समूह ने बृहस्पतिवार को अपने हथियार डाल दिए और इसी के साथ राज्य को अब “उग्रवाद मुक्त” हो गया है। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक हालांकि, यह उग्रवादी समूह कई वर्षों से निष्क्रिय था, लेकिन हमार पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) यानी एचपीसी(डी) के ललह्मिंगथांगा सनाटे के नेतृत्व वाले एक धड़े द्वारा समय-समय पर छिटपुट आपराधिक गतिविधियां की जाती थीं।
अधिकारियों के अनुसार, सनाटे धड़ा ही राज्य में बचा हुआ अंतिम सक्रिय उग्रवादी समूह माना जा रहा था।
सनाटे समेत उग्रवादी समूह के कुल 43 सदस्यों ने दिन के दौरान आइजोल के पास सेसावंग में आयोजित ‘घर वापसी और हथियार सौंपने के समारोह’ के दौरान सरकार को अपने हथियार सौंप दिए।
यह “घर वापसी समारोह” 14 अप्रैल को मिजोरम सरकार और एचपीसी(डी) के बीच हुए शांति समझौते के बाद आयोजित किया गया, इसे राज्य में उग्रवाद का औपचारिक रूप से अंत माना जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि पहले जब भी मिजोरम में शांति की बात होती थी, तो एचपीसी(डी) के उग्रवाद की छाया लोगों के मन में बनी रहती थी।
उन्होंने कहा, “हमने खुले दिल से बातचीत की और समझौते तक पहुंचे। हमारे गृह मंत्री और उनकी टीम ने अथक प्रयास किए। आज हम अपने लक्ष्य तक पहुंच गए हैं। अब हम गर्व से कह सकते हैं कि मिजोरम वास्तव में एक शांतिपूर्ण राज्य है।”
मुख्यमंत्री ने विभिन्न मिजो जनजातियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी उप-जनजाति की पहचान मिजो पहचान से ऊपर नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा, “हम सभी मिजो हैं। यदि समुदाय के भीतर उप-जनजातियां अलग पहचान बनाने की कोशिश करेंगी, तो वे सफल नहीं हो पाएंगी। हमें अपनी साझा मिजो पहचान में संतोष करना होगा। हम केवल एकता के माध्यम से ही आगे बढ़ सकते हैं।”
शांति को अधिक मूल्यवान बताते हुए लालदुहोमा ने कहा कि उन्होंने दशकों पहले मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के अलगाववादी आंदोलन के दौरान शांति बहाली के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) से इस्तीफा दिया था और कई व्यक्तिगत त्याग किए थे।
उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों की सराहना करते हुए कहा कि समुदाय के हित में हथियार छोड़ने का काम केवल साहसी लोग ही कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिजोरम अब किसी भी प्रकार के उग्रवाद को सहन नहीं करता और उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता दिखाने की अपील की।
भाषा रवि कांत रवि कांत संतोष
संतोष

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