भ्रष्टाचार को ढकने के लिए एलडीएफ का भाजपा के साथ ‘गुप्त समझौता’ : प्रियंका गांधी

भ्रष्टाचार को ढकने के लिए एलडीएफ का भाजपा के साथ ‘गुप्त समझौता’ : प्रियंका गांधी

भ्रष्टाचार को ढकने के लिए एलडीएफ का भाजपा के साथ ‘गुप्त समझौता’ : प्रियंका गांधी
Modified Date: April 6, 2026 / 09:01 pm IST
Published Date: April 6, 2026 9:01 pm IST

कन्नूर/मलप्पुरम (केरल), छह अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को आरोप लगाया कि केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने अपने नेतृत्व को बचाने और सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा के साथ ‘‘गुप्त समझौता’’ किया है।

उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र, दोनों पर ‘‘असहमति की आवाज को दबाने’’ का भी आरोप लगाया।

वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान के तहत उत्तरी जिलों में विभिन्न नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि कथित समझौता नेताओं को जांच से बचाने के उद्देश्य से किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एक ओर जहां, प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी एप्स्टीन फाइल में फंसने से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केरल के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। और इसी के लिए वह मोदी के साथ समझौता कर रहे हैं।’’

प्रियंका ने दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में, केंद्र सरकार के खिलाफ बोलने वालों को राहुल गांधी की तरह केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जबकि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को ऐसे किसी मामले का सामना नहीं करना पड़ता।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के खिलाफ जब कभी कोई बोलता है, तो उसके खिलाफ सीबीआई, ईडी या आयकर विभाग के मामले दर्ज हो जाते हैं, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ ऐसा एक भी मामला नहीं है।’’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और राज्य की एलडीएफ सरकार ‘‘अपने खिलाफ बोलने या उनसे सवाल पूछने वाले किसी भी व्यक्ति का दमन कर देती है।’’ उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र और राज्य सरकार, दोनों ही कायर हैं। वे खुद को बचाने के लिए समझौता कर रही हैं।’’

अपने आरोप को दोहराते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह बिल्कुल स्पष्ट है कि एलडीएफ और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है।’’ उन्होंने वाम मोर्चे पर एक ऐसी पार्टी के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाया जो ‘‘अल्पसंख्यकों’’, विशेष रूप से ईसाई समुदाय और ननों को परेशान करती है।

प्रियंका ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शबरिमला में हुई ‘‘बड़ी चोरी’’ के बावजूद उस पर एक भी शब्द नहीं कहा है।

छत्तीसगढ़ में केरल की कैथोलिक ननों पर हुए कथित हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में अल्पसंख्यकों और ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ जैसी संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘आयकर विभाग द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। केंद्र सरकार किसी भी तरह से उनके काम को रोकने की कोशिश कर रही है।’’

उन्होंने ननों को ‘‘सेवा का मार्ग चुनने वाली बहादुर और साहसी महिलाएं’’ बताया।

प्रियंका ने कहा, ‘‘एलडीएफ ने भाजपा के साथ समझौता करने का विकल्प चुना…विचारधारा से समझौता किया गया है। जवाबदेही से समझौता किया गया है। जिम्मेदारी से समझौता किया गया है। सत्ता में बने रहने के लिए हर चीज से समझौता किया गया है।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में एलडीएफ सरकार, उसके मंत्रियों और नेताओं में ‘‘अहंकार’’ समा गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘केवल विचारधारा ही गायब नहीं है। जनता के प्रति प्रत्येक नेता में जो उत्तरदायित्व या जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए, वह भी देखने को नहीं मिल रही है।’’

उन्होंने वामपंथी सरकार पर ‘‘भ्रष्टाचार’’ में लिप्त रहने और कॉरपोरेट को तरजीह देने का भी आरोप लगाया।

प्रियंका ने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि आज केरल में ठेके कैसे दिए जाते हैं। आपने पिछले 10 वर्षों में लालच और भ्रष्टाचार का बोलबाला देखा है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनता की तुलना में कॉरपोरेट के लिए अधिक काम किया है।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या वामपंथी शासन में लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है और क्या बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक सहायक प्रणाली बनने के बजाय ‘‘बाधक’’ बन गई है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि सांसद के रूप में उन्हें कई मुद्दों पर राज्य सरकार के असहयोग का सामना करना पड़ा है।

परिवर्तन का आह्वान करते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य को ‘‘दूरदर्शी सरकार’’ और ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जिस पर जनता भरोसा कर सके। उन्होंने मतदाताओं को आगाह किया कि जब भी कोई राजनीतिक नेतृत्व किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहने का प्रयास करे, तो जनता को सतर्क हो जाना चाहिए।

यूडीएफ के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा कि गठबंधन ने पांच गारंटी की घोषणा की है और सत्ता में आने पर मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामलों में मुआवजे में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि घटना के सात दिनों के भीतर मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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