एलडीएफ भाकपा का ‘बच्चा’ है, इसे कमजोर करने की कोई कोशिश नहीं होने देंगे : बिनॉय विश्वम

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एलडीएफ भाकपा का ‘बच्चा’ है, इसे कमजोर करने की कोई कोशिश नहीं होने देंगे : बिनॉय विश्वम

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 12:14 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 12:14 PM IST

नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, एक सितंबर (भाषा) केरलम विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर वाम दलों के बीच जारी विवाद के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने मंगलवार को कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) भाकपा का ‘‘बच्चा’’ है और पार्टी गठबंधन को कमजोर करने की किसी भी कोशिश की अनुमति नहीं देगी।

विश्वम ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि भाकपा ऐसा कोई रुख नहीं अपनाएगी जिससे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के साथ उसके संबंध कमजोर हों। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि इस मुद्दे का समाधान एलडीएफ के भीतर बातचीत के जरिए निकाला जाए।

यह पूछे जाने पर कि क्या इस विवाद को लेकर भाकपा राज्य विधानसभा में अलग समूह के रूप में बैठेगी, विश्वम ने कहा कि फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘एलडीएफ के गठन के लिए भाकपा ने कड़ी मेहनत की है। एलडीएफ भाकपा का बच्चा है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह बच्चा अपनी अलग पहचान के साथ स्वस्थ, मजबूत और अच्छे स्वभाव वाला बने। भाकपा इससे अलग कोई रुख नहीं अपनाएगी।’’

वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘इसे नष्ट करने की किसी भी कोशिश की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’

विश्वम ने कहा कि माकपा का यह कहना केवल उसकी अपनी राय है कि परंपरा के आधार पर उप नेता प्रतिपक्ष का पद उसे मिलना चाहिए और यह एलडीएफ का फैसला नहीं है।

उनकी यह टिप्पणी उप नेता प्रतिपक्ष पद की मांग को लेकर एलडीएफ के दो प्रमुख घटक दलों के बीच सार्वजनिक रूप से जारी तकरार के बीच आई है।

एलडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी घटक भाकपा ने हाल में उसकी मांग खारिज करने पर माकपा के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन की आलोचना की थी। भाकपा ने उन पर गठबंधन के नियमों का उल्लंघन करने और उसे कमजोर करने का आरोप लगाया था।

विजयन ने पिछले सप्ताह भाकपा की मांग खारिज करते हुए कहा था कि उप नेता प्रतिपक्ष का पद माकपा के किसी नेता को मिलेगा।

इस बीच, सूत्रों ने बताया कि भाकपा की प्रदेश कार्यकारिणी समिति की मंगलवार को दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें मौजूदा राजनीतिक स्थिति और गठबंधन के भीतर के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा