विविधतापूर्ण लोकतंत्र में नेतृत्व सहानुभूति, संवाद और ईमानदारी पर आधारित होना चाहिए : उपराष्ट्रपति

विविधतापूर्ण लोकतंत्र में नेतृत्व सहानुभूति, संवाद और ईमानदारी पर आधारित होना चाहिए : उपराष्ट्रपति

विविधतापूर्ण लोकतंत्र में नेतृत्व सहानुभूति, संवाद और ईमानदारी पर आधारित होना चाहिए : उपराष्ट्रपति
Modified Date: January 7, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: January 7, 2026 10:31 pm IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को जोर देकर कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण लोकतंत्र में नेतृत्व सहानुभूति, संवाद और ईमानदारी पर आधारित होना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने यहां “सिंग, डांस एंड लीड: लीडरशिप लेसन्स फ्रॉम द लाइफ ऑफ श्रील प्रभुपाद” नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं केवल नियमों और प्रक्रियाओं पर ही नहीं बल्कि विश्वास पर भी फलती-फूलती हैं।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, राधाकृष्णन ने मूल्यों, सेवा और नैतिक स्पष्टता पर आधारित नेतृत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि स्वामी प्रभुपाद ने आनंदमय, सहभागी और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया जो पीढ़ियों से लोगों को प्रेरित करता रहा है।

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केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अक्षय पात्र फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष और इस्कॉन-बेंगलुरु के अध्यक्ष मधु पंडित दास तथा अक्षय पात्र फाउंडेशन के उपाध्यक्ष और इस्कॉन-बेंगलुरु के सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंचलपति दास भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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