रामनगर में गन्ने के खेत में तेंदुए ने दो शावकों के साथ डेरा डाला, लोग दहशत में
रामनगर में गन्ने के खेत में तेंदुए ने दो शावकों के साथ डेरा डाला, लोग दहशत में
ऋषिकेश (उत्तराखंड), 30 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के कुमाउं मंडल के रामनगर वन प्रभाग में दमुआ डूंगा के जंगल से लगी पंचाचुली कालोनी में एक गन्ने के खेत में पिछले एक पखवाड़े से एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ डेरा डाले हुए है जिससे क्षेत्रवासी दहशत में हैं।
प्रभागीय वन अधिकारी दिगांत नायक ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मादा तेंदुआ गन्ने के खेत को ठिकाना बनाए हुए है और करीब—करीब हर रोज कुत्तों और अन्य छाटे जानवरों का शिकार कर रही है।
स्थिति को पेचीदा बताते हुए नायक ने कहा कि जिस गन्ने के खेत में मादा तेंदुआ मौजूद है उसके चारों ओर आबादी है। कॉलोनी की सड़क से तेंदुआ और उसके शावक करीब 100—125 मीटर दूर हैं।
वन अधिकारी ने बताया कि गन्ने के खेत का मालिक अपनी फ़सल सुरक्षित रखना चाहता है इसलिए उसमें जेसीबी को नहीं उतारा नहीं जा सकता। उधर, मादा तेंदुआ के रोजाना कॉलोनी के कुत्तों व छोटे जानवरों को निवाला बनाने के कारण अंधेरा होते ही लोग अपने मवेशियों और पालतु पशुओं के साथ घरों में कैद होने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक समीर सिन्हा से तेंदुए को बेहोश करके पकड़ने की अनुमति आठ दिन पहले ही मिल चुकी है लेकिन समस्या यह है कि बेहोश करने वाली बंदूक की अधिकतम रेंज 100 मीटर से कम है।
आशंका यह है कि अगर किसी तरह बेहोशी की दवा बंदूक के जरिए दागी जाए लेकिन अगर वह निशाने पर ना लगे और जानवर किसी के घर में घुस जाए तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
कुमाऊं मंडल के मुख्य वन संरक्षक प्रसन्न कुमार पात्रो ने बताया कि वन विभाग कई बार वहां हवा में गोली चला चुका है लेकिन तेंदुआ वहां से टस का मस नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि जनसुरक्षा के मददेनजर वन विभाग को इसमें पुलिस व प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है।
भाषा सं दीप्ति दीप्ति अर्पणा
अर्पणा

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