अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत के मामले की जांच और मुआवजे लिए लिखा पत्र: एसजेएम

अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत के मामले की जांच और मुआवजे लिए लिखा पत्र: एसजेएम

अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत के मामले की जांच और मुआवजे लिए लिखा पत्र: एसजेएम
Modified Date: June 16, 2026 / 12:44 pm IST
Published Date: June 16, 2026 12:44 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े ‘स्वदेशी जागरण मंच’ (एसजेएम) ने अमेरिकी राजदूत को पत्र लिखकर आठ से 11 जून के बीच अमेरिका द्वारा किये गये अलग-अलग हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत को लेकर विरोध जताया।

संगठन ने इस मामले की एक पारदर्शी जांच और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की है।

संगठन ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को सोमवार को लिखे एक पत्र में अमेरिकी सशस्त्र बलों द्वारा तीन निहत्थे भारतीय नाविकों की कथित तौर पर बिना किसी उकसावे के हत्या पर ‘गहरा दुख और पीड़ा’ जतायी है।

संगठन के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने पत्र में कहा, “इन घटनाओं ने भारत के लोगों के बीच गहरा आक्रोश और अविश्वास उत्पन्न कर दिया है। अमेरिका प्रशासन की असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया ने स्थिति को और खराब कर दिया है, जिससे भारतीय भावनाओं को और ठेस पहुंची है क्योंकि भारतीयों ने अमेरिका को हमेशा एक घनिष्ठ मित्र के रूप में देखा है।”

संगठन ने इन घटनाओं की एक पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की फिर चाहे वे व्यक्ति हों या शासन से जुड़े लोग। संगठन ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और न्याय की भी मांग की।

पत्र में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस आश्वासन और अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों के पालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

महाजन ने कहा, “भारत की पीड़ा गहरी है और उसका संकल्प अडिग है कि जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और भारतीय नाविकों की गरिमा व सुरक्षा को हर कीमत पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए भारत इस मामले को संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने का अधिकार रखता है।

महाजन ने आरोप लगाया कि अमेरिका की यह कार्रवाई समुद्र, सशस्त्र संघर्ष और मानवाधिकारों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।

भाषा जितेंद्र अमित

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