हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित, बिना चर्चा के पारित हुआ विधेयक

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हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित, बिना चर्चा के पारित हुआ विधेयक

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  • Publish Date - July 31, 2026 / 12:52 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 12:52 PM IST

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दिनभर के स्थगित कर दी गई।

हंगामे के बीच ही सदन ने जन्म और मृत्यु के पंजीकरण संबंधी कानून में संशोधन करने के प्रावधान वाले विधेयक को बिना चर्चा के पारित कर दिया।

सदन की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विषय को लेकर आसन के निकट पहुंचकर गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘कई बार आग्रह किया है कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है, यह सदस्यों का समय है। आप प्रश्नकाल के अंदर नियोजित तरीके से गतिरोध पैदा मत करिये। आप सदन को चलने दें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज प्रियंका (गांधी) जी का भी प्रश्न होना है और वह प्रश्न पूछने के लिए खड़ी हैं लेकिन आप लोग सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।’’

बिरला का कहना था कि सदन के अंदर तख्तियां और बैनर लेकर आना संसद की परंपराओं और मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ माननीय सदस्य जिस तरह भेष बदल-बदलकर आते हैं उन्हें मेरी चेतावनी है। कई सदस्यों ने मुझसे मिलकर और मुझे लिखकर कहा है कि संसद भवन और संसद परिसर की पवित्रता और मर्यादा बनी रहनी चाहिए। आप संसद की पवित्रता और गरिमा को समाप्त कर रहे हैं।’’

शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

बैठक 12 बजे फिर शुरू हुई तो हंगामे की स्थिति जस की तस थी।

हंगामे के बीच ही जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के पारित कर दिया गया।

इसके बाद पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने कार्यवाही सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दी।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण अब तक प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके हैं।

भाषा वैभव हक

हक