Bhojshala Controversy News: सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्थानीय लोगों ने किया विरोध, अब बैठक में तय हुई नमाज अदा करने की जगह

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Bhojshala Controversy News: सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्थानीय लोगों ने किया विरोध, अब बैठक में तय हुई नमाज अदा करने की जगह

  • Reported By: Amit Verma

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  • Publish Date - July 31, 2026 / 02:02 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 02:04 PM IST

Bhojshala Controversy News: सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्थानीय लोगों ने किया विरोध, अब बैठक में तय हुई नमाज अदा करने की जगह /image: IBC24

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद धार प्रशासन जुम्मे की नमाज को लेकर हाई अलर्ट पर रहा
  • सर्वे नंबर 612 पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, लेकिन बैठक के बाद सहमति बनी
  • भारी पुलिस बल की तैनाती और जेसीबी से साफ-सफाई के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही

धार। Bhojshala Controversy News: मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक धार भोजशाला से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन जुम्मे की नमाज की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह अलर्ट नजर आया। नमाज के लिए चिन्हित सर्वे नंबर 612 को लेकर दिनभर घटनाक्रम तेज रहा। स्थानीय लोगों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इस स्थान को घनी आबादी वाला और निजी भूमि बताते हुए यहां नमाज कराए जाने का विरोध किया। लोगों ने यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई।

Bhojshala Controversy News दूसरी ओर, सुबह से जारी तेज बारिश के बीच प्रशासन ने जेसीबी की मदद से सर्वे नंबर 612 पर साफ-सफाई कराई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और आक्रोशित महिलाएं भी मौजूद रहीं। बाद में एसपी कार्यालय में जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद मुस्लिम समाज ने सर्वे नंबर 612 पर जुम्मे की नमाज अदा करने पर सहमति जताई। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखते हुए स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।

 क्या है भोजशाला विवाद ?

Bhojshala Controversy News साल 1995 के बाद भोजशाला का विवाद बढ़ने लगा और हिंदू संगठनों ने सरस्वती मंदिर घोषित करने की मांग की। जिसका मुस्लिम समुदाय (Muslim Brotherhood) ने विरोध किया। इसके बाद मंगलवार को हिंदुओं को पूजा और शुक्रवार को मुसलमानों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई। 12 मई 1997 को भोजशाला में आम नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया। फिर 6 फरवरी 1998 को पुरातत्व विभाग ने भोजशाला में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद साल 2003 में मंगलवार को फिर से हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति दी गई और शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष को नमाज अदा करने की मंजूरी दी गई।

 

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भोजशाला मामला किस जिले का है?

यह मामला मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़ा है।

प्रशासन ने किस स्थान को नमाज के लिए चिन्हित किया था?

जिला प्रशासन ने सर्वे नंबर 612 को जुम्मे की नमाज के लिए चिन्हित किया था।

स्थानीय लोगों ने विरोध क्यों किया?

स्थानीय लोगों का कहना था कि यह घनी आबादी वाला और निजी भूमि वाला क्षेत्र है, जहां नमाज कराने से यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

क्या प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच सहमति बनी?

हाँ। प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच बैठक के बाद सर्वे नंबर 612 पर जुम्मे की नमाज को लेकर सहमति बनी।

प्रशासन ने क्या सुरक्षा व्यवस्था की?

प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया, साफ-सफाई कराई और पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति पर लगातार निगरानी रखी।