8th Pay Commission Fitment Factor: सरकारी कर्मचारियों के लिए आया बड़ा अपडेट! फिटमेंट फैक्टर पर संसद में सरकार ने खोले पत्ते, जानिए अब कितनी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी?

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8th Pay Commission Fitment Factor: केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन बढ़ने की उम्मीद है। फिटमेंट फैक्टर को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने संसद में अपना पक्ष रखा है। अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि नए वेतन आयोग में सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी।

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  • Publish Date - July 31, 2026 / 02:56 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 02:58 PM IST

(8th Pay Commission Fitment Factor/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • संसद में 8वें वेतन आयोग पर सरकार का बड़ा जवाब।
  • फिटमेंट फैक्टर और फैमिली यूनिट पर चर्चा तेज।
  • सरकार ने आयोग को दिया स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार।

नई दिल्ली: 8th Pay Commission Fitment Factor: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को 8वें वेतन आयोग से वेतन और पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसी बीच संसद के मानसून सत्र में फिटमेंट फैक्टर (8th Pay Commission Fitment Factor) और फैमिली यूनिट को लेकर सवाल पूछा गया। इन दोनों मुद्दों को लेकर लंबे समय से कर्मचारी संगठन अपनी मांगें उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार के जवाब पर लाखों कर्मचारियों की नजरें टिकी हुई थी।

फिटमेंट फैक्टर और फैमिली यूनिट पर क्या है मांग?

कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर (8th Pay Commission Fitment Factor) बढ़ाने की है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था जबकि अब इसे 3.68 करने की मांग की जा रही है। अगर भविष्य में ऐसा होता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा हो सकता है। दूसरी मांग फैमिली यूनिट से जुड़ी है। वर्तमान व्यवस्था में वेतन तय करने के लिए तीन सदस्यों के परिवार को आधार माना जाता है। जबकि कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए और फैमिली यूनिट की संख्या पांच की जाए।

संसद में सरकार ने क्या कहा?

राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से इन मांगों पर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन मांगों पर कोई अंतिम राय नहीं बनाई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि 8वें वेतन आयोग के कामकाज में सरकार सीधे हस्तक्षेप नहीं कर रही है। आयोग अपने नियमों और प्रक्रिया के अनुसार काम कर रहा है और उसके आंतरिक विचार-विमर्श की जानकारी सरकार के पास भी नहीं है।

आयोग को मिला स्वतंत्र रूप से फैसला लेने का अधिकार

सरकार के अनुसार, वेतन, भत्तों, फिटमेंट फैक्टर (8th Pay Commission Fitment Factor) और फैमिली यूनिट जैसे सभी मुद्दों पर फैसला लेने का अधिकार 8वें वेतन आयोग के पास है। आयोग यह तय करेगा कि किन सुझावों को स्वीकार करना है और किन्हें नहीं। सरकार ने यह भी बताया कि आयोग अपनी बैठकों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ होने वाली चर्चाओं का नियमित ब्यौरा सरकार को नहीं देता।

कब आ सकती है 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

वित्त मंत्रालय के अनुसार, 8वें वेतन आयोग को अपने गठन की तारीख यानी नवंबर 2025 से 18 महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आयोग की रिपोर्ट मई 2027 के आसपास सामने आ सकती है। इसके बाद ही वेतन और पेंशन में संभावित बदलावों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। फिलहाल कर्मचारियों को आयोग की सिफारिशों का इंतजार करना होगा।

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8वें वेतन आयोग को लेकर संसद में क्या जानकारी दी गई?

सरकार ने बताया कि 8वें वेतन आयोग स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है और उसके फैसलों में सरकार हस्तक्षेप नहीं कर रही है।

कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग क्या है?

कर्मचारी फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 करने और फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग कर रहे हैं।

क्या सरकार ने फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने पर सहमति दे दी है?

नहीं। सरकार ने कहा है कि इस पर अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर होगा।

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब आ सकती है?

सरकार के अनुसार, आयोग को नवंबर 2025 से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आ सकती है।