लोकसभा में गतिरोध बरकरार, विपक्ष के हंगामे के बाद कार्यवाही दो बजे तक स्थगित

लोकसभा में गतिरोध बरकरार, विपक्ष के हंगामे के बाद कार्यवाही दो बजे तक स्थगित

लोकसभा में गतिरोध बरकरार, विपक्ष के हंगामे के बाद कार्यवाही दो बजे तक स्थगित
Modified Date: February 4, 2026 / 12:44 pm IST
Published Date: February 4, 2026 12:44 pm IST

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े मुद्दे, आठ विपक्षी सदस्यों के निलंबन और कुछ अन्य मुद्दों पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी के कारण बुधवार को लोकसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर वक्तव्य देने के लिए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का नाम पुकारा। गोयल ने सदन में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच वक्तव्य पढ़ा।

विपक्षी सदस्य आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी कर रहे थे।

बिरला ने विपक्षी सदस्यों से कहा, ‘‘इस देश में अलग- अलग समय आप सरकार में रहे हैं। मेरा मत है कि इतने लंबे समय तक सरकार में रहने के बावजूद आप सदन की परंपराओं और मर्यादाओं को तोड़ रहे हैं। विरोध का तरीका और हो सकता है। लेकिन आप उस जगह (सत्तापक्ष की सीटों की तरफ) जाकर मर्यादाओं को तोड़ेंगे तो लोकतंत्र के प्रति लोगों को विश्वास कम होगा।’’

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘आप चुनकर आते हैं। सदन के अंदर और बाहर विरोध का तरीका होता है। लेकिन आप इतने वरिष्ठ नेता हैं, आपने लंबे समय तक शासन किया है। बोलने की अनुमति देना या नहीं देना नियम प्रक्रिया से निर्धारित होता है। क्या आप मर्यादा तोड़ेंगे? आपके सदस्य इधर से उधर जाएंगे, क्या यह उचित है?’’

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मंत्री बोल रहे हैं, आपके सदस्य उधर जाकर खड़े हो रहे हैं, यह उचित नहीं है।’’

उनका कहना था, ‘‘पहले भी विरोध हुआ है, लेकिन मर्यादा किसी ने नहीं तोड़ी। आप मर्यादाएं तोड़ रहे हैं। यह उचित नहीं है।’’

बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि नारेबाजी और बैनर से विरोध नहीं होता, विरोध बोलकर और तर्कों से होता है।

हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, बुधवार सुबह 11 बजे सदन की बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे।

वे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देते हुए बोलने की अनुमति नहीं देने और इस मुद्दे पर सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित किए जाने का मुद्दा उठा रहे थे।

शोर-शराबे के बीच ही उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन बांभणिया ने कुछ पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए।

अध्यक्ष बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘सदन के अंदर मर्यादित आचरण और व्यवहार करना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।’’

उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ और विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा।

शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने 11 बजकर 5 मिनट पर बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

मंगलवार को सदन की अवमानना करने और महासचिव तथा लोकसभा अधिकारियों की मेजों के पास आकर कागज उछालकर आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए कांग्रेस के सात और एक माकपा सांसद को संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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