लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रदर्शन: उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी

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लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रदर्शन: उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी

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  • Publish Date - September 30, 2026 / 02:48 PM IST,
    Updated On - September 30, 2026 / 02:48 PM IST

चंडीगढ़, 30 सितंबर (भाषा) पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में कुछ दिन पहले हुई हिंसा और तोड़फोड़ की जांच पर बुधवार को पंजाब सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी।

एलपीयू के बीटेक के छात्र रवि राज की ओर से दायर याचिका पर यह मामला उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया था। याचिका में एलपीयू में हुई तोड़फोड़ और हिंसा की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का अनुरोध किया गया है।

सुनवाई के बाद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उच्च न्यायालय ने पंजाब पुलिस की जांच पर स्थिति रिपोर्ट मांगी है।

जैन ने कहा, ‘‘एक पूरी स्थिति रिपोर्ट मांगी गई है कि क्या कार्रवाई की गई, दोषी कौन हैं, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई और आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं?’’

मामले की अगली सुनवाई आठ अक्टूबर को होगी।

जैन ने कहा कि परिसर में भ्रामक सूचना फैलाने वालों की पहचान करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश हो सकती है।

याचिकाकर्ता राज ने अपनी याचिका में कहा कि 26 सितंबर की रात छात्रों के बीच एक अपुष्ट पोस्ट प्रसारित की गई थी जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में एक छात्रा से दुष्कर्म हुआ है और उसे घर भेज दिया गया है।

याचिका के अनुसार, इसके बाद छात्र लड़कियों के छात्रावास के बाहर जमा हुए और बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम कर दिया।

बाद में बड़ी संख्या में बाहरी लोग तलवारें, रॉड और दरांती लेकर, अपने चेहरे ढके हुए एलपीयू परिसर पहुंचे। उन्होंने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तोड़ दिए, सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त किए, दुकानों में लूटपाट की और कई जगह आग लगा दी।

याचिका में एलपीयू छात्र ने कहा कि परिसर में भ्रामक अफवाह फैलाए जाने के मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधान लागू किए जाने चाहिए थे।

एलपीयू के छात्रों ने रविवार को व्यापक प्रदर्शन किया था। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से कथित दुष्कर्म के दावे को लेकर परिसर के बाहर नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को भी जाम कर दिया था। उनका दावा था कि विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति ने छात्रा से दुष्कर्म किया है।

परिसर में हिंसा भी हुई थी। छात्रों का कहना था कि कुछ बाहरी लोग, जिनके चेहरे ढके हुए थे, तोड़फोड़ में शामिल थे, उन्होंने संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, दुकानों में तोड़फोड़ की और परिसर में कई जगह आग लगा दी।

सोमवार को एलपीयू परिसर में स्थिति सामान्य हो गई थी। कक्षाएं 10 दिन के लिए निलंबित किए जाने के बाद कई छात्र अपने घर चले गए थे।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश