सभी वर्ग के लोगों को दिए जा रहे मुफ्त राशन पर मद्रास हाईकोर्ट ने जताई आपत्ति, कहा- इससे लोग आलसी हो गए हैं

सभी वर्ग के लोगों को दिए जा रहे मुफ्त राशन पर मद्रास हाईकोर्ट ने जताई आपत्ति, कहा- इससे लोग आलसी हो गए हैं

सभी वर्ग के लोगों को दिए जा रहे मुफ्त राशन पर मद्रास हाईकोर्ट ने जताई आपत्ति, कहा- इससे लोग आलसी हो गए हैं
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: November 23, 2018 10:51 am IST

चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने सभी वर्ग के लोगों को मुफ्त में मिल रहे राशन पर कड़ी आपत्ति जताई है। अदालत ने कहा है कि जन वितरण सेवाओं के जरिए राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में चावल देने की सुविधा को सिर्फ बीपीएल परिवारों के लिए होना चाहिए।

अदालत ने कहा कि सभी तबके के लोगों को मुफ्त की रेवड़ियां बांटे जाने से लोग ‘आलसी’ हो गए हैं। न्यायमूर्ति एन. किरूबाकरण और न्यायमूर्ति अब्दुल कुद्दूस की पीठ ने कहा कि सरकार के लिए जरूरतमंदों और गरीबों को चावल और अन्य किराने का सामना देना जरूरी है, लेकिन उत्तरोत्तर सरकारों ने राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह का लाभ सभी  वर्गों को दिया। नतीजतन, लोगों ने सरकार से सबकुछ मुफ्त में पाने की उम्मीद करनी शुरू कर दी। कोर्ट ने कहा कि इससे वे आलसी हो गए हैं और छोटे-छोटे काम के लिए भी प्रवासी मजदूरों की मदद ली जाने लगी’।’

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पीठ गुरुवार को पीडीएस के चावल की तस्करी कर उसे बेचने के आरोप में गुंडा कानून के तहत गिरफ्तार एक व्यक्ति द्वारा इसे चुनौती दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान सरकार ने पीठ को बताया गया था कि आर्थिक हैसियत का खयाल किए बगैर सभी राशनकार्ड धारकों को मुफ्त में चावल दिया जाता है।


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