भुवनेश्वर, 11 जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की मध्यस्थता में बातचीत संबंधी ओडिशा के प्रस्ताव पर शनिवार को सहमति जताई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
ओडिशा के महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण (एमडब्ल्यूडीटी) के समक्ष सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने आयोग की मध्यस्थता वाली प्रक्रिया के माध्यम से आपसी सहमति से समाधान तलाशने की इच्छा जताई।
उन्होंने बताया कि न्यायाधिकरण ने छत्तीसगढ़ को 23 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई से पहले अपना पक्ष लिखित रूप में रखने का निर्देश दिया है।
यह प्रस्ताव पहली बार ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पिछले साल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लिखे पत्र में रखा था।
उन्होंने सुझाव दिया था कि न्यायाधिकरण में लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया के बजाय दोनों राज्यों के लोगों के हित में बातचीत के माध्यम से इस विवाद का समाधान किया जाए।
माझी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल को भी पत्र लिखकर आग्रह किया था कि न्यायाधिकरण की प्रक्रिया समय लेने वाली होने के कारण केंद्र सरकार बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद करे।
भाषा जितेंद्र देवेंद्र
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