एसआईआर बंगाल में ‘‘प्रमुख मुद्दा’’, जनता घुसपैठियों को बाहर निकालेगी : शाह

एसआईआर बंगाल में ‘‘प्रमुख मुद्दा’’, जनता घुसपैठियों को बाहर निकालेगी : शाह

एसआईआर बंगाल में ‘‘प्रमुख मुद्दा’’, जनता घुसपैठियों को बाहर निकालेगी : शाह
Modified Date: April 13, 2026 / 10:05 pm IST
Published Date: April 13, 2026 10:05 pm IST

(फोटो के साथ)

दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल), 13 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक ‘प्रमुख मुद्दा’ है और जनता ने राज्य से घुसपैठियों को बाहर निकालने का संकल्प लिया है।

पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर में अपने रोड शो के दौरान ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में शाह ने कहा कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा की जिम्मेदारी केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर है।

अभिषेक तृणमूल कांग्रेस के महासचिव हैं।

शाह ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल के लिए एसआईआर वाकई एक बड़ा मुद्दा है। क्या इस देश में विदेशी मतदाताओं को होना चाहिए? भारत कोई धर्मशाला नहीं है। घुसपैठियों को बाहर निकालना होगा। ममता बनर्जी चाहे कुछ भी कहें, जनता ने इस बार राज्य से घुसपैठियों को निकालने का संकल्प लिया है।’’

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनाव के बाद बंगाल में निश्चित रूप से सरकार बनाएगी। शाह ने कहा, ‘‘देश में अब सिर्फ एक ही राज्य बचा है जहां राजनीतिक हिंसा सबसे आम है, और इसके लिए ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ही जिम्मेदार हैं।’’

रोड शो के दौरान सड़कों पर उमड़ी भीड़ की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की उपस्थिति देखिए। इस बार चुनाव के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के गुंडे अपने घरों से बाहर भी नहीं निकल पाएंगे।’’

रोड शो के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि ‘‘तृणमूल का कोई भी गुंडा’’ लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से नहीं रोक पाएगा, और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री बनर्जी पर 15 साल के अपने कार्यकाल में बंगाल को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि घुसपैठिए बिना किसी बाधा के बांग्लादेश से राज्य में आ गए, जबकि उद्योग राज्य छोड़कर चले गए।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा के असम और त्रिपुरा में सत्ता संभालने के बाद घुसपैठ पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासित राजस्थान और गुजरात राज्यों में भी घुसपैठ नहीं होती, जिनकी सीमा पाकिस्तान से लगती है।

रोड शो के बाद भगवा रंग की एक गाड़ी से लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘दीदी (बनर्जी) अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को राज्य में प्रवेश करने की अनुमति देती हैं।’’

रोड शो के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि केंद्र सरकार पिछले सात वर्षों से ममता बनर्जी नीत सरकार से भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन आवंटित करने को कह रही है, लेकिन मुख्यमंत्री ने अब तक ऐसा नहीं किया है।

शाह ने आश्वासन दिया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के 45 दिन के भीतर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बाड़ बनाने के लिए 600 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत उन अवैध अप्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिनके नाम धोखाधड़ी से मतदाता सूची में दर्ज किए गए थे। शाह ने कहा कि केवल नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ही भ्रष्टाचार मुक्त और भयमुक्त बंगाल सुनिश्चित कर सकती है।

राज्य में बड़ी संख्या में युवाओं के बेरोजगार होने का दावा करते हुए, पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए हम राज्य में चार बड़े औद्योगिक शहर स्थापित करेंगे।’’

इससे पहले, शाह ने तीन रैलियां कीं, जिनमें से दो बीरभूम जिले में और तीसरी पूर्वी बर्धमान के रानीगंज क्षेत्र में हुई।

भाषा आशीष माधव

माधव


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