पथनमथिट्टा (केरल), 13 जनवरी (भाषा) शबरिमला में स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में अगामी वार्षिक मकरविलक्कु उत्सव के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
इस साल बुधवार को आयोजित होने वाले मकरविलक्कु उत्सव को लेकर मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने मंगलवार को बताया कि उत्सव के दिन मंदिर के आसपास लगभग 2,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा।
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, मकरविलक्कु के दिन सन्निधानम (मंदिर परिसर) में प्रवेश की सीमा तय की गई है। इसके तहत ‘आभासी कतार प्रणाली’ (वर्चुअल क्यू सिस्टम) के माध्यम से 30,000 और ‘स्पॉट बुकिंग’ (तत्काल बुकिंग) के जरिए 5,000 तीर्थयात्रियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है।
टीडीबी द्वारा जारी बयान के अनुसार, बुधवार पूर्वाह्न 10 बजे से निलक्कल से पंपा की ओर और पूर्वाह्न 11 बजे से पंपा से सन्निधानम की ओर तीर्थयात्रियों की आवाजाही रोक दी जाएगी।
बयान में कहा गया है कि भगवान अयप्पा को अर्पित किए जाने वाले आभूषणों को ले जाने के लिए निकाली जाने वाली ‘थिरुवाभरणम’ शोभायात्रा कड़ी सुरक्षा के बीच शाम लगभग 5:30 बजे पारंपरिक मार्ग पर पहुंचेगी। इसके मकरविलक्कु दिवस यानी बुधवार शाम लगभग 6:20 बजे सन्निधानम पहुंचने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे थिरुवाभरणम ले जाने वाले लकड़ी के डिब्बे को न छुएं और शोभायात्रा वाले मार्ग पर भीड़ न लगाएं।
टीडीबी के सूत्रों ने बताया कि तीर्थयात्रियों को ‘मकर ज्योति’ के दर्शन केवल निर्धारित स्थानों से ही करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उन्हें वन क्षेत्रों में खाना पकाने या किसी भी असुरक्षित गतिविधि में शामिल न होने की सलाह दी गई है।
वन विभाग ने भी उत्सव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध किए हैं, जिसमें पंपा नदी पर एक अस्थायी पैदल पुल का निर्माण और अवरोधक लगाना शामिल है। इसके अलावा, पंपा, पुलमेडु और सन्निधानम क्षेत्रों में 120 अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है।
मकरविलक्कू उत्सव की तैयारियों के बीच पर्यावरण विकास समिति के 136 स्वयंसेवकों को प्रमुख स्थानों पर स्वच्छता संबंधित कार्यों के लिए तैनात किया गया है।
इसके साथ ही, इस दौरान होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं ने सन्निधानम, पंपा और अन्य संवेदनशील स्थानों पर एम्बुलेंस और बचाव इकाइयों सहित 31 वाहनों के साथ विशेष टीम तैनात की हैं।
इसके अतिरिक्त, पंपा में एक प्रशिक्षित स्कूबा डाइविंग की टीम भी तैनात की गई है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, वन विभाग और अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं द्वारा संयुक्त निरीक्षण किए जा रहे हैं।
टीडीबी ने बयान में तीर्थयात्रियों से आग्रह किया है कि मकरविलक्कु उत्सव को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए वे पुलिस और अन्य विभागों द्वारा जारी सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
भाषा प्रचेता मनीषा जोहेब
जोहेब