रायपुरः CG Congress Protest छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट के नेतृत्व में देश-प्रदेश की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। निशाने पर PM मोदी दिखे, जबकि प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने दावे किए कि देश-प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की ही बनेगी। सत्तापक्ष ने इसे चंद नेताओं का ख्वाब बताकर तंज कसा। सवाल ये है कि जिन मुद्दों पर कांग्रेस ने ये शक्ति प्रदर्शन किया, जिन आरोपों पर घेरा वो कितने गंभीर हैं, कितने सच हैं? विपक्ष पर ये आरोप कितना सही है या फिर ये प्रदर्शन केवल खुद की मौजूदगी के लिए था। चुनावी वार्मअप के लिए था।
CG Congress Protest छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने तय कार्यक्रम के मुताबिक सड़क पर अपनी पूरी ताकत दिखाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। VG-G-RAM G कानून, LPG के दाम और किल्लत समेत प्रदेश की कानून व्यवस्था, अफीम की खेती, धान खरीदी जैसे मुद्दों पर विधानसभा घेराव का प्रयास किया। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, PCC चीफ दीपक बैज, पूर्व CM, नेता प्रतिपक्ष, सह प्रदेश प्रभारी समेत सैंकड़ों कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा के लिए कूच किया। इस दौरान पुलिस के साथ झूमा-झटकी के हालत भी बने। पुलिस ने प्रदर्शनकारी नेताओं को अंतिम बैरिकेट्स के पहले ही रोक दिया। इसके पहले भारत माता चौक पर कांग्रेस ने एक सभा की। विपक्षी नेताओं ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कई आरोप लगाए।
इधर, सत्तापक्ष ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन को मुद्दाहीन और दिशाहीन बताते हुए प्लॉप शो करार दिया। सीनियर मंत्रियों के मुताबिक कांग्रेस डूबता जहाज है जिसमें चंद नेता अब भी वापसी का ख्वाब देख रहे हैं। कांग्रेसी नेताओं ने प्रदर्शन के बहाने केंद्र की बीजेपी सरकार और खासकर प्रभानमंत्री पर भी निशाना साधा। दावा किया कि 2028 में देश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। जिसपर बीजेपी नेताओं ने कटाक्ष किया। सवाल ये है कि क्या ये प्रदर्शन केंद्रीय नेताओं के निर्देश पर, उनकी इच्छा पूर्ति मात्र के लिए किया गया। कांग्रेस के आरोपों में, मुद्दों में कितना दम है? क्या इससे सरकार पर दबाव बढेगा?