नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि मोदी सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया’ उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका, क्योंकि न तो निजी निवेश में अपेक्षित तेजी आई और न ही व्यापक स्तर पर रोजगार वृद्धि हुई।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि सकल मूल्य वर्धित और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आंकड़े दर्शाते हैं कि पिछले 12 वर्षों में अधिकतर समय विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि समग्र आर्थिक वृद्धि की तुलना में धीमी रही है, इसलिए ‘मेक इन इंडिया’ के कारण अतिरिक्त वृद्धि का कोई स्पष्ट प्रभाव अभी तक दिखाई नहीं देता।
‘मेक इन इंडिया’ के प्रदर्शन पर आधारित एक पोस्ट साझा करते हुए रमेश ने कहा, “यह आंकड़ों और तथ्यों से भरपूर है, जो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि बहुचर्चित ‘मेक इन इंडिया’ ने काफी हद तक निराश किया है।”
उन्होंने कहा, “निजी निवेश में उछाल नहीं आया है। व्यापक स्तर पर रोजगार वृद्धि का अभाव रहा है।”
कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ‘मेक इन इंडिया’ पहल के 12 वर्ष पूरे हो गए हैं।
‘मेक इन इंडिया’ की शुरुआत 25 सितंबर, 2014 को निवेश को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने तथा भारत को विनिर्माण, डिजाइन और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से की गई थी।
भाषा हक तान्या मनीषा
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