नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के कामकाज से जुड़े विवााद के बीच शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग फिर उठाई और कहा कि वह ‘‘सरकारी गवाह’’ बनकर बच सकते हैं और ऐसा नहीं करने पर उन्हें मुकदमे का का सामना करना पड़ेगा।
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि समय आने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने देश की हर संस्था को तहत-नहस कर दिया है। उसी तरह ज्ञानेश कुमार भी निर्वाचन आयोग को अकेले हांक रहे थे। यही वजह है कि उन्होंने बाकी दोनों चुनाव आयुक्तों की भी नहीं सुनी। वैसे भी तानाशाह का दूत खुद ‘आधा तानाशाह’ ही होता है।’’
खेड़ा का कहना था, ‘‘ज्ञानेश कुमार को हमारी सलाह है कि अब बस हो गया! सरकारी गवाह बन जाइए और बच जाइए, नहीं तो मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार हो जाइए। न प्रधानमंत्री मोदी बचेंगे, न अमित शाह बचेंगे और न ज्ञानेश बाबू बचेंगे।’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बृहस्पतिवार को कहा था कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बन जाना चाहिए।
खेड़ा ने कहा कि नए खुलासों के बाद यह उम्मीद की जानी चाहिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विषय पर उच्चतम न्यायालय संज्ञान लेगा।
उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान ‘‘मतदाताओं’’ (वीआईपी) को चिह्नित करने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
खेड़ा ने कहा कि निर्वाचन आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) के आवेदन में वीआईपी मतदाताओं को चिह्नित करने की सुविधा किसके निर्देश पर जोड़ी गई और इसके तहत किन मतदाताओं को विशेष सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बीएलओ को मंत्रियों और उनके परिवारों, प्रसिद्ध हस्तियों, न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, आईएएस-आईपीएस अधिकारियों, मीडियाकर्मियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित कुछ लोगों को ‘‘विशिष्ट मतदाता’’ के तौर पर चिह्नित करने के निर्देश दिए गए।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि ऐसे मतदाताओं के मामलों का निपटारा प्राथमिकता से किए जाने और उन्हें सुनवाई केंद्रों पर उपस्थित होने से छूट जैसी सुविधाएं दिए जाने की बात सामने आई है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से इस पूरी प्रक्रिया और इसके लिए बनाए गए नियम सार्वजनिक करने की मांग की।
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