मालवीय नगर अग्निकांड: बचाव अभियान में शामिल व्यक्ति ने होटल के भयावह मंजर को किया याद

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मालवीय नगर अग्निकांड: बचाव अभियान में शामिल व्यक्ति ने होटल के भयावह मंजर को किया याद

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 08:56 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 08:56 PM IST

(सौम्या शुक्ला)

नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में भीषण आग लगने की घटना के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को भी वहां का भयावह मंजर सबसे पहले बचाव अभियान में जुटे लोगों के जेहन से नहीं निकल पा रहा है।

कमरे और सीढ़ियों पर बिखरे पड़े झुलसे हुए शव, साथ जीने साथ मरने की कसमे निभाते हुए शौचालय में मिला दंपति का शव और ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों की मदद की गुहार जैसे दृश्य अब भी उन्हें परेशान कर रही है।

हौज रानी स्थित ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में आग लगने की सूचना मिलने पर सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल वसीम राजा ने बताया कि घटना के बाद रातभर उन्हें नींद नहीं आई। उनके अनुसार, झुलसे हुए शवों, लोगों की चीख-पुकार और दंपति के अंतिम क्षणों की हृदय विदारक तस्वीरें लगातार उनके जेहन में घूमती रहीं।

मैक्स अस्पताल के सुरक्षा विभाग में ड्यूटी इंचार्ज वसीम राजा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मैंने जो कुछ देखा, उसे याद कर आज भी मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह बेहद भयावह और विचलित करने वाला दृश्य था। हर तरफ शव पड़े थे। रिसेप्शन के पास कुर्सी पर एक शव था, सीढ़ियों पर दूसरा शव पड़ा था, जबकि ऊपरी मंजिलों से मदद की गुहार सुनाई दे रही थी।’’

मृतकों में एक व्यक्ति ऐसा भी था, जो बैग पकड़े हुए मिला। माना जा रहा है कि धुएं का गुबार छाने पर उसने अपने बैग के साथ जान बचा कर निकलने की नाकाम कोशिश की।

हालांकि, राजा के अनुसार सबसे मार्मिक दृश्य उन्हें एक बंद शौचालय का दरवाजा खोलने के बाद देखने को मिला। उन्होंने बताया, ‘‘किसी तरह हमने दरवाजा खोला और जो देखा, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अपने जीवन में मैंने कई शव देखे हैं, लेकिन ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा।’’

राजा के मुताबिक, एक महिला, जिसके सिर पर हाल में हुए किसी चिकित्सकीय सर्जरी का निशान दिखाई दे रहा था, शौचालय में बैठी हुई थी, जबकि उसका पति बगल में रखी कुर्सी पर बैठा था। दोनों एक-दूसरे को कसकर पकड़े हुए थे और महिला का सिर पति के कंधे पर टिका हुआ था।

उन्होंने कहा, ‘‘वे दोनों एक-दूसरे की बाहों में थे। मैंने जो प्रेम वहां देखा, उसके सामने ताजमहल भी फीका पड़ जाए।’’

अधिकारियों के अनुसार, यह दंपति उन विदेशी नागरिकों में शामिल रहा होगा जिनकी इस हादसे में मौत हुई। आग में 12 विदेशी नागरिकों की जान जाने की पुष्टि हुई है। हादसे में कुल 21 लोगों की मौत हुई है।

राजा ने बताया कि कई शव ऐसी जगहों पर मिले, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग बचने के लिए आखिरी क्षण तक संघर्ष करते रहे। कुछ शव बिस्तरों के नीचे मिले, जबकि कुछ शौचालयों और सीढ़ियों के पास पाए गए। माना जा रहा है कि जान बचा कर निकलने की कोशिश के दौरान उनकी मौत हुई।

अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच जारी है।

भाषा सुभाष माधव

माधव