रक्षा मंत्री ने संचालन दक्षता बढ़ाने के लिए फील्ड कमांडरों की वित्तीय सीमा दोगुना की

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रक्षा मंत्री ने संचालन दक्षता बढ़ाने के लिए फील्ड कमांडरों की वित्तीय सीमा दोगुना की

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 08:39 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 08:39 PM IST

नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को सैन्य संचालन दक्षता को मजबूत करने और अनुबंधों को शीघ्रता से पूरा करने के साथ-साथ परियोजनाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए ‘फील्ड कमांडरों’ की वित्तीय शक्तियों में दो गुना बढ़ोतरी करने की मंजूरी दी।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि थलसेना, वायुसेना और नौसेना के कमांडरों को सौंपी गई विशेष वित्तीय शक्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है तथा तत्काल संचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रदान की गई कुल सीमा में 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

वित्तीय शक्तियों में वृद्धि के अलावा, सेना के तीनों अंगों की संयुक्त खरीद को बढ़ावा देने के लिए नये प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिसमें सामान्य खरीद की तुलना में अधिक अधिकार दिये गए हैं।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘वस्तुओं और सेवाओं की खरीद को विकेंद्रीकृत करने के लिए कई नये सक्षम वित्तीय प्राधिकरणों की स्थापना की गई है।’’

रक्षा मंत्री ने नयी दिल्ली में एक कार्यक्रम में ‘रक्षा सेवाओं के लिए वित्तीय शक्तियों के हस्तांतरण’ संबंधी संशोधित नियमावली जारी की।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘वित्तीय शक्तियों में 100 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है, और कुछ मामलों में तो यह वृद्धि दोगुनी से भी अधिक है। इससे फील्ड कमांडरों की संचालन दक्षता और मजबूत होगी। इससे अनुबंधों को शीघ्रता से संपन्न करने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।’’

मंत्रालय ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण और अनुसंधान एवं विकास के लिए आवंटित वित्तीय शक्तियों को दोगुना कर दिया गया है ताकि विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं पर निर्भरता कम करके आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सके।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वित्तीय शक्तियों के संशोधित हस्तांतरण से चालू वर्ष के बजटीय आवंटन के अनुसार राजस्व मार्ग से 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद में मदद मिलेगी। इससे रक्षा बलों की आवश्यकताओं के अनुसार संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उपस्थित थे।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश