मालवीय नगर होटल आग: लोगों ने गेस्ट हाउस में सुरक्षा खामियों की ओर ध्यान दिलाया

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मालवीय नगर होटल आग: लोगों ने गेस्ट हाउस में सुरक्षा खामियों की ओर ध्यान दिलाया

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 04:12 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 04:12 PM IST

(अहेली दास)

नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और इस घटना ने सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिये हैं।

इस घटना के एक दिन बाद स्थानीय लोगों और यहां आने वाले मेहमानों ने आरोप लगाया कि आसपास की कई संपत्तियों में भी बुनियादी अग्नि सुरक्षा और भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

इलाके में रहने वाले स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई गेस्ट हाउस और होटल पर्याप्त प्रवेश व निकास द्वार, आपात स्थिति में प्रयोग किये जाने वाले मार्ग और अन्य सुरक्षा उपायों के बिना चल रहे हैं, जिससे आग या अन्य आपात संकट में संभावित रूप से खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

इस गली में कई इमारतों के पास सिर्फ छह कमरों का लाइसेंस है लेकिन इनकी चार से पांच मंजिलों पर 25 से अधिक कमरे बने हुए हैं।

लवकेश बजाज के स्वामित्व वाली ऐसी ही एक अन्य इमारत है ‘फ्लरिश इन’, जो ‘फ्लरिश स्टे’ (जहां आग लगी थी) से कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित है।

‘फ्लरिश इन’ बृहस्पतिवार को वीरान और खाली पड़ी थी।

होटल छोड़ने वाले आखिरी मेहमानों में से एक कांगो गणराज्य के पर्यटक गिलबर्ट थे, जो अपने बेटे के साथ मैक्स अस्पताल में इलाज के लिए ठहरे हुए थे।

उन्होंने कहा, “बुधवार से बिजली, खाना और पानी नहीं है। हम बहुत थके हुए हैं।”

गिलबर्ट ने आरोप लगाया कि बेसमेंट के कमरों में मेहमानों को 1,500 रुपये प्रति रात के हिसाब से ठहराया जा रहा था जबकि ऊपरी मंजिलों के कमरे 2,000 रुपये में किराए पर दिए जा रहे थे।

बेसमेंट का निरीक्षण करने पर सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के घोर उल्लंघन के कई मामले सामने आए, जिनमें खिड़कियों व हवा के आने-जाने वाली व्यवस्था की कमी और साफ-सफाई न होने जैसी शामिल थी।

स्थानीय दुकानदार करण शर्मा ने बताया कि अधिकारी अक्सर किसी घटना के होने के बाद ही कार्रवाई करते हैं।

शर्मा ने कहा, “अधिकारी तभी संज्ञान लेते हैं जब कोई घटना घट जाती है। यह सिर्फ इस संपत्ति की बात नहीं है बल्कि इस क्षेत्र में कई अन्य संपत्तियां भी हैं जिनके बेसमेंट में कमरे बनाए गए हैं और किराए पर दिए गए हैं। आपात स्थिति में ये स्थान जानलेवा साबित हो सकते हैं।”

नाम नहीं बताने की शर्त पर एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के बारे में बार-बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

निवासी ने कहा, “इलाके में सभी जानते हैं कि बेसमेंट में बने कमरे नियमों का उल्लंघन करते हुए चलाए जा रहे हैं। लेकिन आमतौर पर कार्रवाई तभी होती है जब कोई बड़ी घटना घट जाती है और अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।”

इस घटना ने शहर में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बेसमेंट के उपयोग की ओर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है।

ओल्ड राजेंद्र नगर में 2024 में मानसून के दौरान एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों के डूबने की घटना ने दिल्ली भर में अवैध व असुरक्षित बेसमेंट के उपयोग की व्यापक जांच को बढ़ावा दिया था।

अधिकारी मालवीय नगर में लगी आग की जांच जारी रखे हुए हैं जबकि निवासियों ने इलाके के गेस्ट हाउस और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की व्यापक सुरक्षा जांच कराने की मांग की है।

भाषा जितेंद्र मनीषा

मनीषा