ममता की अपील: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अपमान को लेकर भाजपा के खिलाफ सड़कों पर उतरें लोग

ममता की अपील: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अपमान को लेकर भाजपा के खिलाफ सड़कों पर उतरें लोग

ममता की अपील: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अपमान को लेकर भाजपा के खिलाफ सड़कों पर उतरें लोग
Modified Date: August 4, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: August 4, 2026 5:59 pm IST

कोलकाता, चार अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने ‘‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी विरासत का अपमान करने’’ के लिए मंगलवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला और लोगों से एकजुट होकर ऐसे बयानों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया।

बनर्जी का यह बयान नेताजी के परपोते चंद्र कुमार बोस द्वारा तृणमूल से इस्तीफा देने के ठीक एक दिन बाद आया है। बोस ने मुख्यधारा के राजनीतिक दलों से ‘‘मोहभंग’’ होने की घोषणा की थी और दावा किया था कि उन्हें सत्ताधारी भाजपा और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले दल की राजनीति में ‘‘कोई अंतर’’ नहीं दिखता।

बनर्जी ने एक फेसबुक लाइव सत्र के दौरान कहा, ‘‘हमारे राष्ट्रीय नायक नेताजी के बारे में भाजपा नेताओं ने जिस तरह से बात की, उससे मैं स्तब्ध थी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जिस तरह से अपमान किया जा रहा है, उससे मैं बेहद निराश और व्यथित हूं; यह न केवल बंगाल का, बल्कि पूरे देश का अपमान है।’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘मैं लोगों से एकजुट होने और नेताजी के साथ किए जा रहे इस अपमान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह करती हूं।’’

इस विवाद पर बनर्जी की टिप्पणियां स्पष्ट रूप से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य द्वारा हाल ही में की गई आलोचनाओं पर आधारित थीं, जिन्होंने नेताजी के संघ परिवार के विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ राजनीतिक मतभेदों के परिप्रेक्ष्य में बोस द्वारा गठित पार्टी ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ पर निशाना साधते हुए उसके सदस्यों को ‘‘गुंडों’’ की संज्ञा दी थी।

इस टिप्पणी की विपक्षी दलों और बोस के परिवार के कुछ सदस्यों ने कड़ी आलोचना की और इसे अपमानजनक बताया।

भाजपा ने इस बात से इनकार किया है कि इन घटनाओं से नेताजी के प्रति कोई अनादर झलकता है, और इन्हें बोस की विरासत पर हमले के बजाय राजनीतिक असहमति के रूप में पेश किया है।

बनर्जी ने ‘जेन-जेड’ आंदोलन के प्रति भी अपना समर्थन जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में गड़बड़ी के ख़िलाफ़ विरोध करने वाली युवा पीढ़ी को ‘राष्ट्र-विरोधी’ करार दिया जा रहा है और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, साथ ही उनके परिवारों को भी धमकाया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नतीजों के बाद बंगाल में हज़ारों तृणमूल कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने पूरे राज्य को एक बड़ी जेल में बदल दिया है।’’

बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिस दिन तृणमूल के बागी सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए थे और दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ-साथ बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठकें कीं, उसी दिन से उनके (तृणमूल के) सांसदों और विधायकों को धमकाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस उन पर दबाव डाल रही है कि या तो वे भाजपा में शामिल हो जाएं या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें। क्या यह काम पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है?’’

भाषा

सुरेश नरेश

नरेश


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