ममता मार्गदर्शक के रूप में आना चाहें तो 21 जुलाई की रैली में आ सकती हैं: ऋतब्रत

ममता मार्गदर्शक के रूप में आना चाहें तो 21 जुलाई की रैली में आ सकती हैं: ऋतब्रत

ममता मार्गदर्शक के रूप में आना चाहें तो 21 जुलाई की रैली में आ सकती हैं: ऋतब्रत
Modified Date: July 14, 2026 / 12:58 am IST
Published Date: July 14, 2026 12:58 am IST

कोलकाता, 13 जुलाई (भाषा) ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले तृणमूल कांग्रेस के खेमे ने सोमवार को कहा कि यदि ममता बनर्जी मार्गदर्शक के रूप में आना चाहें तो वह 21 जुलाई को होने वाली शहीद दिवस रैली में शामिल हो सकती हैं।

हालांकि, गुट ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें औपचारिक रूप से आमंत्रित करने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

बागी गुट के नेताओं की ओर से यह बयान मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के दौरान आया। धरमतला स्थित पारंपरिक स्थल पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बाद यह खेमा वार्षिक शहीद दिवस कार्यक्रम गांधी प्रतिमा के पास आयोजित कर रहा है।

पार्टी की संस्थापक अध्यक्ष ममता बनर्जी के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना पर विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, ‘‘यदि वह मार्गदर्शक बनकर आना चाहती हैं तो इसमें कोई समस्या नहीं है। हम उनसे आने का आग्रह करेंगे।’’

हालांकि, ऋतब्रत बनर्जी खेमे द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नए अध्यक्ष निर्वाचित अरूप रॉय ने स्पष्ट किया कि नेतृत्व ने अभी तक उन्हें औपचारिक निमंत्रण भेजने पर कोई चर्चा नहीं की है।

मेयो रोड स्थल के लिए पुलिस से अनुमति मिलने के बाद प्रस्तावित मंच और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए ऋतब्रत बनर्जी, अरूप रॉय, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, जावेद खान, स्नेहाशीष चक्रवर्ती, काजल शेख और अखरुज्जमा सहित कई विधायक और नेता वहां पहुंचे।

संदीपन साहा ने कहा, ‘‘हम यह रैली तृणमूल कांग्रेस की ओर से आयोजित कर रहे हैं, किसी गुट की ओर से नहीं। यह पहले ही स्पष्ट हो चुका है कि हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं। हमने एक विशेष स्थान के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन वह नहीं मिली। हम किसी भी स्थान पर जबरन कार्यक्रम नहीं करेंगे, बल्कि वहीं आयोजन करेंगे जहां अनुमति दी गई है।’’

अरूप रॉय ने बताया कि आम जनता को असुविधा से बचाने के प्रस्ताव के बाद गांधी प्रतिमा के निकट कार्यक्रम स्थल को मंजूरी दी गई।

दरअसल, दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों ने धरमतला में वार्षिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, जहां परंपरागत रूप से शहीद दिवस रैली होती रही है।

पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बाद ऋतब्रत गुट ने वैकल्पिक स्थान मांगा और उन्हें मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिल गई।

दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कार्यक्रम स्थल को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है और अभी तक अपनी अंतिम योजना की घोषणा नहीं की है।

पार्टी में किसी भी तरह के विभाजन से इनकार करते हुए तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि केवल एक ही तृणमूल कांग्रेस है और 21 जुलाई का केंद्र किसी व्यक्ति विशेष के बजाय शहीदों की स्मृति होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी गुट को नहीं मानते। हम ही तृणमूल कांग्रेस हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई विशेष व्यक्ति आता है या नहीं। महत्वपूर्ण यह है कि शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाए। हमारे कार्यकर्ता यहां आएंगे, चाहे कोई नेता उपस्थित हो या नहीं।’’

भाषा खारी वैभव

वैभव


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