पुरानी रंजिश को खत्म करने के लिए बिहार से दिल्ली बुलाकर व्यक्ति की हत्या की गई, आठ गिरफ्तार
पुरानी रंजिश को खत्म करने के लिए बिहार से दिल्ली बुलाकर व्यक्ति की हत्या की गई, आठ गिरफ्तार
नयी दिल्ली तीन सितंबर (भाषा) बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति की पुराना विवाद सुलझाने के बहाने दिल्ली बुलाकर यहां पुल प्रह्लादपुर स्थित एक किराए के मकान में कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि ये गिरफ्तारियां दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना और तमिलनाडु में चलाए गए एक समन्वित अभियान के बाद हुईं।
पुलिस के अनुसार, बिहार के सुपौल जिले के निवासी मोहम्मद इरशाद आलम उर्फ गुड्डू बादशाह को उसके गृह जिले के निवासी शमशाद और अशफाक के साथ पुरानी रंजिश खत्म करने के नाम पर दिल्ली बुलाया गया था।
हालांकि, पुलिस ने कहा कि यह बैठक सिर्फ एक जाल थी। आलम की 28 जुलाई को गोली मारकर हत्या की गई, जबकि मोहम्मद फारूक ने शुरू में खुद को पीड़ित के रूप में पेश किया, क्योंकि वह अपराध स्थल पर गोली लगने से घायल हालत में मिला था।
पुलिस ने बताया कि हालांकि, विस्तृत पूछताछ, कॉल रिकॉर्ड विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और अन्य साक्ष्यों से फारूक के बयान में विसंगतियां सामने आईं, जिससे साजिश में उसकी संलिप्तता का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने बताया कि उसे घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
जांच से संकेत मिला है कि यह हत्या कथित तौर पर आलम और आरोपी शमशाद तथा अशफाक के बीच पुरानी रंजिश का परिणाम थी।
पुलिस ने कहा कि इन दोनों के कई सहयोगियों ने हत्या की साजिश रची।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पुल प्रह्लादपुर निवासी फारूक (27), सुपौल निवासी आफताब, गाजियाबाद के साहिबाबाद निवासी इरफान (23), सुपौल निवासी शमशाद (28), अशफाक (23), रहमतुल्लाह उर्फ छोटू (22) और शोएब अख्तर तथा लाल कुआं निवासी अमन यादव (25) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, फारूक ने कथित तौर पर आलम का विश्वास जीता, विवाद सुलझाने के बहाने उसे किराए के मकान में लेकर और सह-आरोपियों के साथ समन्वय किया। उसने बाद में पीड़ित होने का नाटक करके जांचकर्ताओं को गुमराह करने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने बताया कि आफताब ने वारदात को अंजाम देने वाली कथित टीम की आवाजाही का समन्वय किया। उनके मुताबिक,उसके तमिलनाडु के तिरुप्पुर में होने का पता चलने के बाद स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे पकड़ लिया गया।
उन्होंने बताया कि इरफान ने आरोपियों को अपराध के बाद शरण दी और उन्हें अन्य मदद मुहैया कराई तथा पिस्तौल और कारतूस छुपाए। पुलिस ने बताया कि उसकी निशानदेही पर एक अवैध पिस्तौल, एक मैगजीन और कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि शमशाद मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है और इंटरनेट आधारित मंचों के जरिए सह-आरोपियों के संपर्क में रहा, जबकि अशफाक साजिश और अन्य आरोपियों के साथ समन्वय में शामिल था।
पुलिस ने बताया कि रहमतुल्लाह ने हत्या को अंजाम देने में भूमिका निभाई और बाद में महत्वपूर्ण साक्ष्यों को छिपाने में मदद की, जबकि शोएब तमिलनाडु से दिल्ली तक शूटर की आवाजाही के दौरान उनके साथ था।
अधिकारियों के मुताबिक, अमन ने कथित तौर पर लाल कुआं के पास आरोपियों के लिए आवास और साजो सामान की व्यवस्था की और बाद में साजिश में शामिल हो गया। वह घटना की रात अपनी मोटरसाइकिल पर आफताब, रहमतुल्लाह और शोएब को साथ लेकर गया और गोलीबारी करने में शामिल रहा।
पुलिस ने कहा कि टीम अमन और फारूक द्वारा छिपाई गई दो पिस्तौलों और मामले से जुड़ी अन्य सामग्रियों को बरामदग करने में जुटी है।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए, स्थान बदल लिए और इंटरनेट आधारित या हॉटस्पॉट संचार का उपयोग किया।
हालांकि, जांचकर्ताओं ने कॉल रिकॉर्ड, तकनीकी और इंटरनेट संचार विश्लेषण, स्थान और आवाजाही पर नजर रखकर, खुफिया जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के माध्यम से उन्हें ढूंढ निकाला।
पुलिस ने बताया कि शमशाद और अशफाक का आपराधिक इतिहास है, जिसमें सुपौल में दर्ज हत्या का एक मामला भी शामिल है।
भाषा नोमान नोमान माधव
माधव

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