हैदराबाद में धोखाधड़ी मामले में ईडी अधिकारियों को धमकाने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार

हैदराबाद में धोखाधड़ी मामले में ईडी अधिकारियों को धमकाने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार

हैदराबाद में धोखाधड़ी मामले में ईडी अधिकारियों को धमकाने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार
Modified Date: January 12, 2026 / 03:30 pm IST
Published Date: January 12, 2026 3:30 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हैदराबाद में 5,900 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश “धोखाधड़ी” मामले में कार्रवाई करने से रोकने के लिए ईडी अधिकारियों को कथित तौर पर धमकी देने वाले “जालसाज” को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया है।

ईडी ने बताया कि कल्याण बनर्जी को सिकंदराबाद स्थित उसके परिसर पर छापेमारी के बाद 10 जनवरी को हिरासत में लिया गया था।

इसने एक बयान जारी करके बताया कि आरोपी को रविवार को हैदराबाद के नामपल्ली में विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उसे 23 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।

 ⁠

ईडी के मुताबिक, यह मामला नौहेरा शेख और अन्य लोगों के खिलाफ जारी जांच से संबंधित है, जिन पर निवेश पर 36 फीसदी से अधिक वार्षिक रिटर्न का वादा करके लोगों से 5,978 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठगने का आरोप है।

जांच एजेंसी ने बताया कि हालांकि, आरोपी मूलधन भी लौटाने में नाकाम रहे और इस तरह उन्होंने भोले-भाले निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की।

ईडी ने इस मामले में 428 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। उसने उच्चतम न्यायालय से जब्त संपत्तियों की नीलामी की मंजूरी हासिल की थी, ताकि इससे प्राप्त धनराशि से पीड़ितों की निवेश राशि लौटाई जा सके, जो पीएमएलए के तहत उपलब्ध एक प्रावधान है।

ईडी ने दावा किया कि शेख ने पारिश्रमिक और कमीशन के आधार पर कल्याण की सेवाएं ली थीं।

जांच एजेंसी ने कहा, “कल्याण बनर्जी ने ईडी अधिकारियों को संदेश भेजना और फोन करना शुरू कर दिया। उसने खुद को कई उच्च पदस्थ नौकरशाहों और नेताओं के करीबी के रूप में पेश किया।”

ईडी के मुताबिक, “कल्याण बनर्जी ने नीलामी प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए अधिकारियों को प्रलोभन देने की कोशिश की। हालांकि, जब अधिकारियों ने उससे दो टूक कहा कि वे कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करेंगे, तो उसने अधिकारियों को धमकाना शुरू कर दिया और उन पर नीलामी प्रक्रिया को रोकने का दबाव डाला।”

जांच एजेंसी के अनुसार, जांच में पाया गया कि कल्याण ने खुद को विभिन्न विभागों में सलाहकार के रूप में कार्यरत व्यक्ति के रूप में पेश किया और कई वरिष्ठ नौकरशाहों एवं नेताओं का करीबी होने का दावा किया।

ईडी ने बताया कि कल्याण के मोबाइल फोन में शेख और उसके सहयोगियों के साथ व्हॉट्सएप पर हुई “आपत्तिजनक” चैट के रिकॉर्ड मिले हैं।

जांच एजेंसी ने दावा किया कि उसने कल्याण का बयान दर्ज किया है, जिसमें आरोपी ने ईडी अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए खुद को गलत तरीके से उच्च पदस्थ नौकरशाहों और नेताओं के करीबी के रूप में पेश करने की बात कबूली है।

ईडी ने कहा, “कल्याण ने यह भी स्वीकार किया है कि वह नौहेरा शेख और उसके सहयोगियों के इशारे पर काम कर रहा था।”

भाषा पारुल संतोष

संतोष


लेखक के बारे में