ओडिशा में तटीय अर्थव्यवस्था और समुद्री पारिस्थितिकी के संवर्धन के लिए ‘समुद्री स्थानिक योजना’ शुरू

ओडिशा में तटीय अर्थव्यवस्था और समुद्री पारिस्थितिकी के संवर्धन के लिए ‘समुद्री स्थानिक योजना’ शुरू

ओडिशा में तटीय अर्थव्यवस्था और समुद्री पारिस्थितिकी के संवर्धन के लिए ‘समुद्री स्थानिक योजना’ शुरू
Modified Date: April 16, 2026 / 08:47 pm IST
Published Date: April 16, 2026 8:47 pm IST

भुवनेश्वर, 16 अप्रैल (भाषा) ओडिशा सरकार ने तटीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को ‘समुद्री स्थानिक योजना’ (एमएसपी) शुरु की।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की उपस्थिति में राज्य सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से संबद्ध राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र (एनसीसीआर) के बीच इस पहल के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए ।

एमएसपी से ओडिशा की तटरेखा पर वैज्ञानिक समुद्री स्थानिक योजना बन पायेगी। इससे पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने और तटीय समुदायों को जलवायु-अनुकूल बनाने के साथ-साथ ‘ब्लू इकोनॉमी’ (नीली अर्थव्यवस्था) को मजबूती मिलेगी।

ज्ञापन में कहा गया है कि योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन, नौवहन, ​​पर्यटन और जलीय कृषि जैसी क्षेत्रीय गतिविधियों का समुद्री जैव विविधता संरक्षण के साथ संतुलन कायम करना होगा, विशेष रूप से पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में।

इस अवसर पर माझी ने कहा कि एमएसपी से न केवल नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि समुद्री पारिस्थितिकी का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।

उन्होंने कहा,‘‘यह समुद्री जैव विविधता की रक्षा करते हुए स्थानीय तटीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।’’

नॉर्वे के सहयोग से भारत में 2019 से टिकाऊ महासागर नियोजन पहल चल रही है। पहले चरण में इसे पुडुचेरी और लक्षद्वीप में लागू किया गया, जबकि दूसरे चरण में ओडिशा इसे आगे बढ़ाने वाला पहला राज्य है।

भाषा प्रचेता राजकुमार

राजकुमार


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