श्री विजय पुरम, 20 अगस्त (भाषा) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल (सेवानिवृत्त) डीके जोशी ने केंद्र शासित प्रदेश की रणनीतिक स्थिति को बृहस्पतिवार को एक अवसर बताते हुए इसे प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की वकालत की।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवा और अन्य क्षेत्रों में दक्षिणी राज्यों से अधिक सहयोग की मांग की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यहां आयोजित दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक को संबोधित करते हुए एडमिरल (सेवानिवृत्त)जोशी ने केंद्र शासित प्रदेश में पुलिस व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।
इस बैठक में परिषद के उपाध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना के मुख्यमंत्री एवं प्रतिनिधि तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप के प्रतिनिधि शामिल हुए।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से निपटने के उपायों का उल्लेख करते हुए एडमिरल (सेवानिवृत्त) जोशी ने कहा कि पहली मोबाइल फॉरेंसिक इकाई, डीएनए प्रभाग, ई-फॉरेंसिक रिपोर्टिंग और नामित बोर्डों की शुरुआत से द्वीप समूह में जांच और न्याय प्रक्रिया को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि जांच अनुपालन दर वर्ष 2018 में 14 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2025 और 2026 में बढ़कर 100 प्रतिशत हो गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत सभी पात्र परिवारों का सत्यापन किया जा चुका है और प्रत्येक परिवार को कम से कम एक आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि जुलाई 2024 में केंद्र शासित प्रदेश को जैवमेट्रिक आधारित पूर्व-अनुमोदन व्यवस्था के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले केंद्र शासित प्रदेश’ का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है।
एडमिरल (सेवानिवृत्त) जोशी ने द्वीप समूह में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए दक्षिणी राज्यों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध बहु-विशेषज्ञ अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने और विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए अल्पकालिक व्यवस्था तलाशने की जरूरत है।
सामाजिक क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बालिकाओं में कुपोषण की दर करीब 20 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत से नीचे आ गई है। वहीं, माध्यमिक स्तर पर पढ़ाई छोड़ने की दर 3.7 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत सात प्रतिशत है।
वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के सभी गांवों में बैंकिंग या डाक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं।
ग्रेट निकोबार परियोजना के बारे में उपराज्यपाल ने कहा कि करीब 92,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाली इस समग्र विकास योजना में अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह, हरित क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बिजली संयंत्र और टाउनशिप शामिल हैं।
भाषा रवि कांत रवि कांत देवेंद्र
देवेंद्र