एमसीडी ने लू से निपटने के लिए परामर्श जारी किया, सभी विभागों को बचाव के उपाय करने के निर्देश

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एमसीडी ने लू से निपटने के लिए परामर्श जारी किया, सभी विभागों को बचाव के उपाय करने के निर्देश

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 04:01 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 04:01 PM IST

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने गर्मियों में लू के प्रभाव को कम करने के लिए एक परामर्श जारी कर अपने सभी विभागों को एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है।

सोमवार को जारी एक परिपत्र में निगम ने कहा कि लंबे समय तक उच्च तापमान के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा हो सकता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो काम या दैनिक गतिविधियों के लिए बाहर निकलते हैं।

यह परामर्श दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा तैयार ‘हीट वेव एक्शन प्लान-2026’ के अनुरूप जारी किया गया है।

नगर निगम ने सभी जोन और विभागों को कार्यालयों, स्कूल, औषधालयों और सामुदायिक हॉल में पीने के ठंडे पानी, वाटर कूलर और एयर-कंडीशनर, एयर कूलर एवं पंखे जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही बाजारों और अन्य अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

परिपत्र के अनुसार, ‘सफाई कर्मचारियों और मालियों को जीवन रक्षक घोल (ओआरएस) किट वितरित की जाएं। साथ ही ठेकेदार कार्यस्थलों पर पीने का पानी, छायादार क्षेत्र और ओआरएस प्रदान करें।’

इसमें कहा गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर विशेष ध्यान देते हुए पार्क में पीने के पानी की व्यवस्था करने और पशु-पक्षियों के लिए पानी के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। पशु चिकित्सा विभाग सभी निर्धारित कुत्ता-भोजन केंद्रों पर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

निगम ने श्रम विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफाई कर्मचारियों के काम के घंटों को तर्कसंगत बनाने और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को रोकने के लिए समय पर कचरा उठाने का भी निर्देश दिया है।

स्वास्थ्य केंद्रों को प्रतीक्षा क्षेत्रों में एयर कूलर जैसे इंतजाम करने की सलाह दी गई है। वहीं, विभागों को संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और वार्ड स्तर पर लू की चेतावनी प्रसारित करने का निर्देश दिया गया है।

परिपत्र में कहा गया है कि सभी विभागों को नोडल अधिकारी नामित करने और भीषण गर्मी के दौरान नागरिक कर्मचारियों एवं निवासियों दोनों की सुरक्षा के लिए निवारक और प्रतिक्रियात्मक उपाय करने को कहा गया है।

भाषा सुमित नरेश

नरेश