एमसीडी संशोधित पीएम-उदय कार्यक्रम के तहत 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों का मानचित्रण करेगी

एमसीडी संशोधित पीएम-उदय कार्यक्रम के तहत 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों का मानचित्रण करेगी

एमसीडी संशोधित पीएम-उदय कार्यक्रम के तहत 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों का मानचित्रण करेगी
Modified Date: April 7, 2026 / 10:22 pm IST
Published Date: April 7, 2026 10:22 pm IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक एकीकृत ढांचे के तहत राष्ट्रीय राजधानी में अनधिकृत कॉलोनियों का मानचित्रण और पहचान करने के लिए हवाई सर्वेक्षण शुरू कर दिए हैं, जिसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों को “जैसे हैं वैसे ही” आधार पर नियमित करना तथा उनके निवासियों को कानूनी दर्जा प्रदान करना है।

शहरी विकास मंत्रालय और दिल्ली सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, एमसीडी 1,511 पात्र कॉलोनियों में अब नियमितीकरण प्रमाण पत्र जारी करेगी, खाली भूखंडों का सर्वेक्षण करेगी और नागरिक अवसंरचना विकास को बढ़ावा देगी।

अधिकारियों के अनुसार, एमसीडी ने हवाई सर्वेक्षण शुरू कर दिए हैं और अगले कुछ दिनों में इनके पूरा होने की उम्मीद है।

एक अधिकारी ने कहा, “ड्रोन सर्वेक्षण और उपग्रह चित्रों के जरिये कम से कम 151 अनधिकृत कॉलोनियों का मानचित्रण किया जा चुका है। बाकी कॉलोनियों का मानचित्रण अगले 15 दिन में पूरा कर लिया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “मुख्य टूल में जियोटैगिंग के लिए एमसीडी-311 ऐप और नागरिक सेवाओं के लिए एमसीडी स्वागम पोर्टल शामिल हैं। अप्रैल 2026 तक 1,511 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए जीआईएस सर्वेक्षण किए जा रहे हैं।”

दिल्ली सरकार ने घोषणा की कि राजस्व विभाग सरकारी भूमि पर स्थित संपत्तियों के लिए हस्तांतरण विलेख और निजी भूमि पर स्थित संपत्तियों के लिए प्राधिकरण पर्ची जारी करना जारी रखेगा।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, जिन निवासियों के पास पहले से ही संपत्ति हस्तांतरण विलेख या प्राधिकरण पर्ची है, वे 24 अप्रैल से एमसीडी के स्वागम पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

आवेदक अपनी कॉलोनी का चयन करते हैं, अपनी पीएम-उदय केस आईडी सत्यापित करते हैं और अगर आवश्यक दस्तावेज जारी किए गए हैं, तो आवेदन प्रक्रिया सीधे आगे बढ़ जाती है। जिनके पास केस आईडी नहीं है, उन्हें पहले पीएम-उदय पोर्टल पर भेजा जाता है।

भाषा पारुल माधव

माधव


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