Congress on PM Modi: “चीन से आगे निकलना था, पाकिस्तान से पीछे धकेल दिया”.. इस मामले में कांग्रेस के निशाने पर PM नरेंद्र मोदी
Mediation Between Iran and Israel: कांग्रेस ने पीएम मोदी पर हमला बोला, कहा भारत पाकिस्तान से पीछे, मध्यस्थता मामले में वैश्विक भूमिका कमजोर हुई।
Mediation Between Iran and Israel || Image- Symbolic (canva)
- कांग्रेस ने पीएम मोदी पर हमला किया
- भारत पाकिस्तान से पीछे धकेला गया
- ईरान-इजरायल मध्यस्थता पर विवाद
नई दिल्ली: ईरान-इजरायल के बीच जारी जंग को रोकने के लिए पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता किये जाने की ख़बरों पर देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। (Mediation Between Iran and Israel) कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे तौर पर हमला बोलते हुए उनपर वैश्विक स्तर पर भारत की शाख गिराने के गंभीर आरोप लगाए है।
‘भारत को पाकिस्तान से भी पीछे धकेल दिया’ : कांग्रेस
इस पूरे मसले पर कांग्रेस आईटी डिपार्टमेंट के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी की अनुपस्थिति में ही यह दिन चुना, एक झूठा भाषण दिया और चले गए। वे दबाव में हैं-चाहे इजरायल, अमेरिका या अन्य किसी दबाव के कारण। मीडिया रिपोर्टों में तो यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है, जबकि यूपीए सरकार के दौरान भारत ने पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डाल दिया था।”
पवन खेड़ा ने आगे कहा कि, “आज भारत का कोई अस्तित्व ही नहीं है, जबकि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हमारा लक्ष्य चीन से आगे निकलना था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को पाकिस्तान से भी पीछे धकेल दिया है। यह सिर्फ उनका अपमान नहीं है, बल्कि हर भारतीय का अपमान है। (Mediation Between Iran and Israel) अब संघर्ष विराम के फैसले भारत नहीं, बल्कि पाकिस्तान और अमेरिका कर रहे हैं। उनका पद छोड़ना भारत के लिए उतना ही अच्छा है, हालांकि इसे वापस पटरी पर लाने में समय लगेगा।”
#WATCH | Delhi: On PM Modi’s Lok Sabha speech, Congress Leader Pawan Khera says, “… The Prime Minister chose a day when Rahul Gandhi was absent, delivered a false monologue, and left. He is compromised — whether by Israel, America, or other pressures. Media reports even suggest… pic.twitter.com/zwyhyfioIA
— ANI (@ANI) March 24, 2026
किस मुद्दे पर मची है रार?
दरअसल ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग को रोकने की कोशिश तेज हो गई है। एक ओर अमेरिका के बीच युद्ध खत्म कराने के लिए तीन मुस्लिम देश मध्यस्थता कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के CDF आसिम मुनीर ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से फोन में बात की है। इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इस सप्ताह के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में आमने-सामने की बैठक हो सकती है। हालांकि आधिकारिक तौर पर दोनों पक्षों की ओर से इसको लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है।
पाकिस्तान में हो सकती है बातचीत
अमेरिका और ईरान के अधिकारियों की इसी कड़ी पाकिस्तान में मुलाकात और बातचीत संभव है। (Mediation Between Iran and Israel) इजरायली अधिकारियों ने यह संकेत दिए हैं और इसी सप्ताह इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक बैठक हो सकती है।
मध्यस्थता की कोशिशें तेज
बता दें इससे पहले Axios ने एक अमेरिकी सूत्र के हवाले से बताया था कि पिछले दो दिनों से पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र की ओर से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयास किए जा रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन तीनों देशों के प्रतिनिधि अमेरिका के व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी अलग-अलग बातचीत की है।
ट्रंप दे चुके तनाव कम करने के संकेत
आपको बता दें कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति इससे पहले भी तनाव कम करने के संकेत दे चुके हैं। न्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth पर पोस्ट करते हुए ईरान के साथ चल रही बातचीत को सकारात्मक बताया था। (Mediation Between Iran and Israel) साथ ही ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को 5 दिन के लिए टाल दिया था।
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