दिल्ली में एच1एन1 मामलों में वृद्धि के बीच मेडिकल एसोसिएशन ने परामर्श जारी किया

दिल्ली में एच1एन1 मामलों में वृद्धि के बीच मेडिकल एसोसिएशन ने परामर्श जारी किया

दिल्ली में एच1एन1 मामलों में वृद्धि के बीच मेडिकल एसोसिएशन ने परामर्श जारी किया
Modified Date: August 26, 2026 / 03:13 pm IST
Published Date: August 26, 2026 3:13 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एच1एन1 के मामलों में वृद्धि के बीच दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) ने परामर्श जारी कर लोगों से श्वसन और व्यक्तिगत स्वच्छता के उपायों का पालन करने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और फ्लू जैसे लक्षण विकसित होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने का आग्रह किया है।

मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली में अब तक एच1एन1 के 2,308 मामले सामने आए हैं, जबकि इन्फ्लुएंजा ए और बी के कुल मामले 3,000 को पार कर गए हैं। इसके अनुसार वर्तमान में एच1एन1 शहर में इन्फ्लुएंजा का प्रमुख उप-स्वरूप है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने मंगलवार को कहा था कि पिछले वर्ष दिल्ली में एच3एन2 प्रमुख उप-स्वरूप था।

एसोसिएशन ने लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, बार-बार हाथ धोने तथा बिना धुले हाथों से आंख, नाक और मुंह छूने से बचने की सलाह दी है।

एसोसिएशन ने एच1एन1 या इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों से पीड़ित लोगों से दूरी बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने की भी सलाह दी है।

डीएमए ने फ्लू के लक्षण होने पर एन95 मास्क पहनने की सिफारिश की है, जबकि स्वास्थ्य कर्मियों को क्लीनिक, अस्पतालों और ओपीडी में मास्क पहनने की सलाह दी गई है।

एसोसिएशन ने लोगों को योग्य चिकित्सक से परामर्श किए बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं लेने को लेकर भी आगाह किया है।

डीएमए ने सलाह दी कि यात्रा से लौटने वाले या ऐसे क्षेत्रों से आने वाले लोग, जहां इन्फ्लुएंजा के मामले अधिक हैं, कम से कम 10 दिन तक अपने स्वास्थ्य की निगरानी करें और लक्षण विकसित होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में इसकी सूचना दें। उसने भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और सार्वजनिक परिवहन में मास्क के इस्तेमाल की भी सिफारिश की है।

डीएमए के अनुसार, दिल्ली सरकार ने इन्फ्लुएंजा के मामलों में मौसमी वृद्धि से निपटने के लिए अस्पतालों को तैयार करने के कदम उठाए हैं और पर्याप्त संख्या में बिस्तर, चिकित्सक, दवाएं तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण के मामलों की जांच, रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।

एसोसिएशन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क और जिम्मेदार रहने की अपील की है। उसने कहा कि सरल बचाव उपाय, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और श्वसन स्वच्छता से इन्फ्लुएंजा के प्रसार को सीमित करने में मदद मिल सकती है।

भाषा

अमित अविनाश

अविनाश


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