मेडिकल एसोसिएशन ने नीट-यूजी परीक्षा प्रणाली में सुधार का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया

मेडिकल एसोसिएशन ने नीट-यूजी परीक्षा प्रणाली में सुधार का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया

मेडिकल एसोसिएशन ने नीट-यूजी परीक्षा प्रणाली में सुधार का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया
Modified Date: May 13, 2026 / 01:45 pm IST
Published Date: May 13, 2026 1:45 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा के संचालन में ‘‘प्रणालीगत विफलता’ का आरोप लगाते हुए एक मेडिकल एसोसिएशन ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है और परीक्षा प्रणाली में सुधार का अनुरोध किया है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा तीन मई को आयोजित की गई नीट (यूजी) 2026 परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बीच 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया। इस मामले की जांच अब सीबीआई (केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो) कर रही है।

ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन फेडरेशन (एफएआईएमए) ने वकील तन्वी दुबे के माध्यम से शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर राष्ट्रीय परीक्षा ढांचे में पूर्ण बदलाव का अनुरोध किया है, जिसमें एनटीए को एक अधिक मजबूत और स्वायत्त निकाय से प्रतिस्थापित करना भी शामिल है।

याचिका में उन खबरों का भी हवाला दिया गया है जिनमें कहा गया है कि व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मंच पर प्रसारित हो रहे ‘गेस पेपर’ में मौजूद प्रश्न वास्तविक प्रश्न पत्र के 100 से अधिक प्रश्नों से मेल खाते हैं।

इसने शीर्ष न्यायालय से सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया कि वह चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं की निष्पक्षता को बहाल करने के लिए एनटीए को एक ‘तकनीकी रूप से उन्नत और स्वायत्त निकाय’ से प्रतिस्थापित करे।

एफएआईएमए ने शीर्ष अदालत से यह भी अनुरोध किया कि वह एक उच्च-स्तरीय निगरानी समिति का गठन करे, जिसकी अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाए और जिसमें साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हों जो 2026 की पुन: परीक्षा की निगरानी करे।

परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों और उनके परिवारों में नई परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और काउंसलिंग की समय-सीमा जैसे आगे की प्रक्रिया को लेकर चिंता है।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा


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