नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे रविवार को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा निष्पक्ष रूप से आयोजित करने में सहयोग के लिए 20 और 21 जून को विशेष परिस्थतियों को छोड़कर विद्यार्थियों को अवकाश न दें।
आयोग ने बृहस्पतिवार को जारी एक नोटिस में कहा कि यह कदम उन कुछ घटनाओं की पृष्ठभूमि में उठाया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों के परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता और निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल पाए जाने के मामले सामने आए थे।
इसमें कहा गया है कि यह निर्देश चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के आयोजन के संबंध में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है।
आयोग ने मेडिकल कॉलेजों से यह भी कहा कि वे सतर्क रहें और विद्यार्थियों को जागरूक करें कि वे ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल न हों, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती हो।
नोटिस में कहा गया है, ‘‘अतीत में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के कुछ विद्यार्थी ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे, जो परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती थीं।’’
इसमें कहा गया है कि इसे ध्यान में रखते हुए सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया जाता है कि वे सतर्क रहें तथा यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थियों को ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल होने के प्रति जागरूक किया जाए।
एनएमसी ने कॉलेजों को सलाह दी है कि वे 20 और 21 जून को विद्यार्थियों को अवकाश न दें और केवल ‘‘विशेष परिस्थितियों’’और उचित कारण होने पर ही छुट्टी प्रदान की जाए।
यह सूचना आयोग के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के डीन और प्राचार्यों को भेजी गई है।
मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी परीक्षा इस साल तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के कारण 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) वर्तमान में इस मामले की जांच कर रहा है।
नीट की पुन:परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप