मेरठ की घटना से ‘डबल इंजन’ सरकार का दलित विरोधी चेहरा फिर बेनकाब हुआ : खरगे

मेरठ की घटना से ‘डबल इंजन’ सरकार का दलित विरोधी चेहरा फिर बेनकाब हुआ : खरगे

मेरठ की घटना से ‘डबल इंजन’ सरकार का दलित विरोधी चेहरा फिर बेनकाब हुआ : खरगे
Modified Date: July 10, 2026 / 02:45 pm IST
Published Date: July 10, 2026 2:45 pm IST

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मेरठ की एक दलित छात्रा की कथित हत्या को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि इस घटना ने भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार का महिला एवं दलित विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब कर दिया है।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर यह आरोप भी लगाया कि दलित छात्रा ललिता गौतम का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन सरकार उसकी आवाज सुनने के बजाय न्याय की मांग करने वालों को कुचलने में लगी है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2013 से 2024 के बीच महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों में लगभग 42.6 प्रतिशत और अनुसूचित जातियों के खिलाफ अपराधों में करीब 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उनका यह भी कहना है कि देश में हर दो घंटे तीन मिनट में अनुसूचित जाति की एक महिला के साथ बलात्कार होता है और प्रतिदिन 12 दलित महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज किए जाते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, नजरबंद किया जाता है और लाठीचार्ज कर रोका जाता है।

खरगे ने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश सरकार विपक्षी नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से क्यों रोक रही है और परिवार की बात सुनकर उसे न्याय दिलाने के बजाय पुलिस कार्रवाई क्यों की जा रही है?

उन्होंने दावा किया, ‘‘हाथरस और उन्नाव में भी देश ने देखा था कि भाजपा सरकार ने किस तरह पीड़ितों की आवाज़ दबाई और सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने की कोशिश की। अब मेरठ में वही दमनकारी रवैया दोहराया जा रहा है।’’

कांग्रेस नेता ने मांग की कि पीड़िता के परिवार को न्याय मिले, दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए और पीड़ित परिवार की आवाज दबाने की कार्रवाई तत्काल बंद की जाए।

मेरठ पुलिस के अनुसार, टीपीनगर क्षेत्र से 15 मई को लापता हुई 20 वर्षीय ललिता गौतम का शव 17 मई को रोहटा क्षेत्र में मिला था। मामले में मुख्य आरोपी अंकुश कुमार (23) को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था और साक्ष्य छिपाने के आरोप में एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है।

भाषा हक हक मनीषा

मनीषा


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