Meghalaya Assembly CM Wife Clash: विधानसभा में हाई वोल्टेज ड्रामा! जब विधायक पत्नी ने ही मुख्यमंत्री पति को घेरा, 3 साल से अटके इस मामले को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस

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Meghalaya Assembly CM Wife Clash: मेघालय विधानसभा में बुधवार (25 फरवरी 2026) को उस समय असामान्य और दिलचस्प स्थिति बन गई, जब मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और उनकी पत्नी तथा एनसीपी विधायक मेहताब चांदी ए संगमा के बीच सदन के भीतर तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 11:28 AM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 11:36 AM IST

MEGHALAYA/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • विधानसभा में पति-पत्नी आमने-सामने
  • पशुधन यूनिवर्सिटी परियोजना में देरी
  • 2022 प्रस्ताव पर सरकार घिरी

Meghalaya Assembly CM Wife Clash: मेघालय विधानसभा में बुधवार (25 फरवरी 2026) को उस समय असामान्य और दिलचस्प स्थिति बन गई, जब मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और उनकी पत्नी तथा एनसीपी विधायक मेहताब चांदी ए संगमा के बीच सदन के भीतर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। गाम्बेग्रे सीट से विधायक मेहताब चांदी ए संगमा ने पशुधन शिक्षा से जुड़ी उन प्रमुख परियोजनाओं में देरी को लेकर सरकार से जवाब मांगा, जिन्हें तीन वर्ष पहले कैबिनेट ने मंजूरी दी थी।

Sangma vs Sangma: विधानसभा में पति-पत्नी आमने-सामने

Meghalaya Assembly CM Wife Clash: उन्होंने 2022 में स्वीकृत प्रस्तावित एनिमल मेडिकल यूनिवर्सिटी, दो फिशरी यूनिवर्सिटी और एक डेयरी यूनिवर्सिटी की प्रगति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन संस्थानों की स्थापना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सदन में पति-पत्नी के बीच इस तरह की गंभीर और सार्वजनिक बहस कम ही देखने को मिलती है, जिससे यह चर्चा और भी सुर्खियों में आ गई।

विधायक ने राज्य के एनिमल मेडिकल ट्रेनिंग सेंटरों में कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया और पूछा कि सरकार कब तक इन संस्थानों को चालू करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। जवाब देते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने स्वीकार किया कि मानव संसाधन की कमी वास्तव में चिंता का विषय है और इसे दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज की जा रही है।

Mehtab Chandee Sangma: राज्य की बड़ी आबादी आज भी पशुपालन पर निर्भर है

उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की परिकल्पना मेघालय के पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर शिक्षा व रोजगार के अवसर देने के उद्देश्य से की गई थी, क्योंकि राज्य की बड़ी आबादी आज भी पशुपालन पर निर्भर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिक्त पदों को भरना और परियोजनाओं को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

DPR delay Meghalaya: सीएम ने क्या जवाह दिया ?

डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में हुई देरी पर मुख्यमंत्री ने बताया कि भूमि चयन, आधारभूत संरचना की योजना और आवश्यक मानव संसाधन के आकलन में अपेक्षा से अधिक समय लगा। प्रस्तावित पशु चिकित्सा महाविद्यालय के लिए री-भोई जिले के किर्देमकुलाई क्षेत्र में लगभग 800 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 334 करोड़ रुपये है और इसमें 19 विभाग स्थापित किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती है, फिर भी सरकार प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास कर रही है। इस बहस ने जहां मेघालय में पशुधन शिक्षा, ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा, वहीं विधानसभा के भीतर एक दुर्लभ घरेलू-राजनीतिक समीकरण भी सार्वजनिक रूप से देखने को मिला, जिसने इस सत्र को विशेष बना दिया।

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