Bihar Teacher News. Image Source- IBC24 Archive
पटना। Bihar Teacher News: सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 2 लाख 60 हजार से अधिक शिक्षकों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। अदालत ने अपने एक फैसले में सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होना अनिवार्य बताया है। इसके बाद राज्य में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों की सेवा स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
Bihar Teacher News: मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने कानूनी पहलुओं की समीक्षा शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार की विधिक टीम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विस्तार से अध्ययन कर रही है। उन्होंने बताया कि फैसले के सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही सरकार आगे की रणनीति तय करेगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस विषय पर सोमवार को शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। बैठक में कोर्ट के आदेश के संभावित प्रभावों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार यह जानने का प्रयास कर रही है कि फैसले का राज्य के शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है। मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करेगी और उसके अनुरूप कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है तथा किसी भी निर्णय से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले में किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करेगी। कानूनी विशेषज्ञों की राय और विभागीय समीक्षा के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों को ध्यान में रखकर आगे कदम उठाएगी। इधर, राज्य सरकार शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को भी आगे बढ़ा रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) जुलाई में आयोजित कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए विभिन्न विषयों में रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है और विभाग स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य के लाखों शिक्षकों की निगाहें अब सरकार के अगले कदम और आगामी बैठक के निर्णयों पर टिकी हुई हैं।