Meghalaya Coal Mine Blast: अवैध कोयला खदान में भीषण धमाका, 16 से बढ़कर इतना हुआ मौतों का आंकड़ा, अभी भी राहत-बचाव कार्य जारी
Meghalaya Coal Mine Blast: घटना के शुरुआत में 10 मजदूरों के मरने की जानकारी मिली थी, जो बढ़कर 18 पर पहुंच गई है।
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- मेघालय अवैध कोयला खदान हादसा
- हादसे में अब तक 18 मजदूरों की मौत
- कई अन्य के दबे होने की आशंका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मेघालय: Blast in Meghalaya coal mine मेघालय की अवैध कोयला खदान में विस्फोट में मौतों का आंकड़ा बढ़ गया है। घटना के शुरुआत में 10 मजदूरों के मरने की जानकारी मिली थी, जो बढ़कर 18 पर पहुंच गई है। वहीं इस घटना में अब भी कई मजदूरों की दबने की आशंका है, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं और लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना जयंतिया हिल्स जिले के मिसिंगेट-थांग्स्को क्षेत्र में हुई थी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तत्काल घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों में शामिल सभी मजदूर असम के रहने वाले थे, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि की हुई है। फिलहाल मेघालय की पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। खदान के अंदर फंसे अन्य मजदूरों की तलाश के लिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पीएम मोदी ने घटना पर जताया दुख
पीएम मोदी ने इस घटना पर दुख जताते हुए मृतकों को सहायता राशि देने की बता कही है। उन्होंने इस घटना पर कहा, “मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। अपनो को खोने वालों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। पीएम मोदी ने घोषमा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।”
राहत व बचाव कार्य शुरू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तत्काल घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। फिलहाल मेघालय की पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि देर शाम अंधेरे के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है और सुबह होते ही फिर से शुरू किया जाएगा।
कैसे हुआ धमाका?
बताया जा रहा है कि ताशखाई की कोयला खदान में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके कारण खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। धमाका इतना तेज था कि खदान के अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों में सभी मजदूर असम के रहने वाले थे, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

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