नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया संघर्ष की लगातार निगरानी की आवश्यकता पर बृहस्पतिवार को जोर दिया और राष्ट्रीय हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए समन्वित कदम उठाने का आह्वान किया।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखने के लिए गठित अनौपचारिक मंत्रिस्तरीय समूह (आईजीओएम) की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंह ने ये टिप्पणियां कीं।
इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे पी नड्डा, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी और रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव उपस्थित थे।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘अनिश्चित हालात’’ के मद्देनजर रक्षा मंत्री ने चौबीसों घंटे निगरानी के महत्व और किसी भी अपरिहार्य स्थिति से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि देश की जनता पर संघर्ष का कम से कम प्रभाव पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।
पिछले महीने गठित अनौपचारिक मंत्रिस्तरीय समूह की यह दूसरी बैठक थी।
सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर सरकार द्वारा उठाए जा रहे उपायों के बारे में आईजीओएम को जानकारी दी गई। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस संघर्ष के कारण उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार-विमर्श किया।’’
रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘बैठक में, सचिवों के सात अधिकार प्राप्त समूहों ने आईजीओएम को स्थिति से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।’’
बयान में कहा गया, ‘‘वित्त मंत्रालय द्वारा वैश्विक व्यापार व्यवधानों के कारण उत्पन्न चिंताओं को दूर करने और उद्योग, विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र को राहत और सहयोग प्रदान करने तथा निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए उठाए गए उपायों के बारे में आईजीओएम को जानकारी दी गई।’’
भाषा आशीष अमित
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