मिलमा के चेयरमैन ने मालाबार संघ को भंग किए जाने को राजनीति से प्रेरित फैसला बताया

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मिलमा के चेयरमैन ने मालाबार संघ को भंग किए जाने को राजनीति से प्रेरित फैसला बताया

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  • Publish Date - September 19, 2026 / 04:04 PM IST,
    Updated On - September 19, 2026 / 04:04 PM IST

पलक्कड़, 19 सितंबर (भाषा) मिलमा के चेयरमैन के. एस. मणि ने शनिवार को आरोप लगाया कि मालाबार क्षेत्रीय सहकारी दूध उत्पादक संघ (एमआरसीएमपीयू) को भंग करने का केरलम सरकार का फैसला राजनीति से प्रेरित है और एमआरसीएमपीयू इस आदेश को अदालत में चुनौती देगा।

डेरी विकास निदेशक ने शुक्रवार को केरल सहकारी दूध विपणन महासंघ (मिलमा) के तहत एक क्षेत्रीय संघ एमआरसीएमपीयू को भंग करने का आदेश जारी किया, जिसके बाद वायनाड में डेरी विकास के उप निदेशक ने इसके प्रशासक के रूप में कार्यभार संभाल लिया।

मणि ने कहा कि सरकार ने इस कार्रवाई के लिए चार मुख्य कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल सहकारी समिति अधिनियम की धारा 32 के तहत अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, “प्राकृतिक न्याय हमारे संविधान द्वारा दिया गया एक अधिकार है। किसी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से पहले उनकी आपत्तियां दर्ज की जानी चाहिए। इस मामले में उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।”

उन्होंने कहा कि संघ ने अधिकारियों द्वारा दिए गए जांच के आदेशों में सहयोग किया था और भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया था।

मणि ने कहा, “मिलमा और मालाबार क्षेत्रीय संघ के अध्यक्ष के रूप में, मैंने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि यदि कोई यह साबित कर दे कि मैंने या शासी निकाय ने एक रुपये का भी भ्रष्टाचार किया है, तो मैं अगले ही दिन इस्तीफा दे दूंगा।”

मालाबार ग्रामीण विकास प्रतिष्ठान से जुड़े आरोपों पर मणि ने कहा कि यह एक स्वतंत्र सहकारी संस्था है, जो लगभग 25 वर्षों से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि हर साल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा इसके खातों का ‘ऑडिट’ किया जाता है।

मलप्पुरम डेरी से लगभग 85 लाख रुपये मूल्य का घी चोरी होने के आरोप के संबंध में, मणि ने कहा कि यह गड़बड़ी मिलमा अधिकारियों द्वारा स्टॉक सत्यापन के दौरान पकड़ी गई थी और इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज किया गया था।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप

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