कोलंबो, 19 सितंबर (भाषा) श्रीलंका के एक विपक्षी सांसद ने शनिवार को राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से आग्रह किया कि वह सऊदी अरब में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे अल्पसंख्यक तमिल युवक के मामले में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हस्तक्षेप करने का अनुरोध करें।
श्रीलंकाई नागरिक अनोजन सिवारासा के मामले को लेकर यह अपील की गई है।
अनोजन के परिवार का दावा है कि सोशल मीडिया पर एक कथित ईशनिंदा वाली पोस्ट के कारण सऊदी अरब में उसे मौत की सजा सुनाई गई है।
श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने अब तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि अनोजन को मौत की सजा सुनाई गई है।
‘तमिल प्रोग्रेसिव अलायंस’ के नेता मनो गणेशन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैं राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके से आग्रह करता हूं कि वे अनोजन सिवारासा के गंभीर मामले को अपने मित्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तत्काल संज्ञान में लाएं।”
गणेशन ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के सऊदी अरब के प्रधानमंत्री और युवराज मोहम्मद बिन सलमान के साथ करीबी संबंधों को देखते हुए, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप प्रधानमंत्री मोदी से व्यक्तिगत रूप से युवराज सलमान के साथ बातचीत करके इस मामले में हस्तक्षेप करने और अनोजन के लिए मानवीय समाधान तलाशने का अनुरोध करें।”
अधिकारियों ने बताया कि अनोजन श्रीलंका के पूर्वी प्रांत के अल्पसंख्यक तमिल समुदाय से हैं।
मीडिया पोर्टल ‘न्यूजफर्स्ट’ की खबर के अनुसार, वह कलमुनई के नटपिट्टिमुनई के निवासी हैं और नौ महीने पहले रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे।
श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में बताया, “मंत्रालय राजनयिक माध्यमों से संबंधित सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और अनोजन सिवारासा के हितों की रक्षा करने तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए उचित कदम उठा रहा है।”
‘डेली मिरर’ अखबार की खबर के अनुसार, अनोजन को सोशल मीडिया पर एक धर्म के प्रति अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने का दोषी पाए जाने के बाद शुरुआत में पांच साल की जेल और 30 लाख सऊदी रियाल के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
खबर के अनुसार, बाद में अनोजन के वकील ने मौखिक रूप से रियाद स्थित श्रीलंकाई दूतावास को बताया कि कथित तौर पर सजा को बढ़ाकर मृत्युदंड कर दिया गया है।
खबर में बताया गया कि दूतावास इस घटनाक्रम की पुष्टि के लिए सऊदी न्यायिक अधिकारियों से औपचारिक लिखित फैसले का इंतजार कर रहा है।
दूतावास के मुताबिक, वकील ने बताया कि सऊदी अरब के उच्चतम न्यायालय में एक महीने के भीतर इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है।
दूतावास ने बताया कि वह मंत्रालय के परामर्श और अनोजन के परिवार के साथ समन्वय से अपील की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए कदम उठा रहा है।
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष