गोपनीयता का हवाला देकर खदान के नक्शे देने से इनकार नहीं किया जा सकता: सीआईसी

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गोपनीयता का हवाला देकर खदान के नक्शे देने से इनकार नहीं किया जा सकता: सीआईसी

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 09:11 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 09:11 PM IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) को निर्देश दिया है कि वह तेलंगाना की तीन चूना पत्थर खदानों के ‘डिजिटल एलिवेशन मॉडल’ (डीईएम) नक्शों को उपलब्ध कराने से इनकार के फैसले पर दोबारा विचार करे।

आयोग ने कहा कि केवल किसी सूचना को ‘गोपनीय’ बताना, उसे सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत सार्वजनिक करने से रोकने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता है।

सूचना आयुक्त सुधा रानी रेलांगी ने आईबीएम के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) को निर्देश दिया कि वे आरटीआई अधिनियम के तहत जारी न की जा सकने वाली जानकारी के हिस्सों को हटाकर, बाकी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराएं।

आयोग ने कहा कि यदि कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है तो सीपीआईओ को संशोधित जवाब में इसका उचित कारण भी दर्ज करना होगा।

आरटीआई आवेदन में तेलंगाना के सूर्यापेट जिले की तीन चूना पत्थर खदानों के वर्ष 2017 से 2025 तक के प्रमाणित डीईएम नक्शे मांगे गए थे।

आवेदन में जिन खदानों का उल्लेख किया गया था उनमें सुल्तानपुर रिजर्व फॉरेस्ट माइन, गुंडलापल्ली लाइमस्टोन माइन और पेदावेड़ु लाइमस्टोन माइन शामिल थीं।

सीपीआईओ ने अपने जवाब में कहा था कि वर्ष 2017 से 2022 तक के डीईएम नक्शे उनके कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं।

सीपीआईओ ने कहा है कि 2022 के बाद का डाटा उपलब्ध था लेकिन आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(डी) के तहत इसका खुलासा नहीं किया जा सकता था। इस धारा के तहत ऐसी सूचनाओं को सार्वजनिक करने से छूट दी गई है, जिनमें व्यावसायिक गोपनीयता, व्यापार रहस्य या बौद्धिक संपदा शामिल हो और जिनके खुलासे से किसी तीसरे पक्ष की प्रतिस्पर्धी स्थिति प्रभावित हो सकती हो।

सीआईसी ने सीपीआईओ को निर्देश दिया कि वे आरटीआई आवेदन की सामग्री पर फिर से विचार करें और आरटीआई अधिनियम की धारा 10 का इस्तेमाल करते हुए जानकारी देने से छूट वाले हिस्से को अलग करने के बाद ‘‘जरूरी और दी जा सकने वाली जानकारी’’ उपलब्ध कराएं।

भाषा सुरभि अविनाश

अविनाश