बेंगलुरु, तीन मार्च (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मंगलवार को उन दावों को खारिज कर दिया कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया राज्य की खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के खेमे की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कर रहे हैं। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच ऐसे आरोप लगाए गए हैं।
विपक्षी भाजपा और जद (एस) नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और संबंधित खबरों को तवज्जो नहीं देते हुए उन्होंने कहा कि कोई अवैध फोन टैपिंग नहीं हो रही है।
उन्होंने हालांकि कहा कि राजनीतिक खुफिया विभाग मुख्यमंत्री को विभिन्न घटनाक्रमों पर दैनिक जानकारी देता है और ऐसा पिछली सभी सरकारों के दौरान किया जाता रहा है।
परमेश्वर ने एक सवाल के जवाब में कहा, “सरकार हम चला रहे हैं। हमारे पास ज्यादा जानकारी होगी, उनके (विपक्ष) पास नहीं। उन्हें किसने बताया? क्या खुफिया विभाग ने उन्हें सूचना दी? हम सरकार चला रहे हैं और हमारे पास विभिन्न मामलों की जानकारी है। ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं हुआ है।”
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘जहां तक मुझे जानकारी है, कोई फोन टैपिंग नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री को भी ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी नहीं है।’’
कांग्रेस विधायकों की बैठकों के बारे में मुख्यमंत्री को खुफिया जानकारी मिलने के सवाल पर राज्य के गृह मंत्री ने कहा कि एक विशिष्ट राजनीतिक खुफिया प्रकोष्ठ रोजाना मुख्यमंत्री को घटनाक्रम की जानकारी देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जानकारी जुटाने और उसे साझा करने के लिए फोन टैपिंग की कोई जरूरत नहीं है, और ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।’’
जब उनसे सवाल किया गया कि क्या अपनी ही पार्टी के सदस्यों के बारे में जानकारी मांगना उचित है, तो परमेश्वर ने कहा कि राजनीतिक खुफिया जानकारी जरूरत के हिसाब से ही साझा की जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राजनीतिक खुफिया प्रकोष्ठ मौजूद रहा है… किस तरह की जानकारी मांगी जाए, यह मुख्यमंत्री के विवेक पर निर्भर करता है।’’
पिछले साल नवंबर में कांग्रेस सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल का आधा समय पूरा होने के बाद, मुख्यमंत्री बदले जाने की अटकलों के बीच पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान तेज हो गई है।
सिद्धरमैया द्वारा शिवकुमार गुट पर नजर रखने के लिए राज्य खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल करने की खबरों के बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने प्रशासन के पूर्ण राजनीतिकरण का आरोप लगाया।
अशोक ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘अब राज्य खुफिया विभाग को एक नया पूर्णकालिक काम मिल गया है – उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के गुट के रात्रिभोज में उपस्थित लोगों पर नजर रखना?’’
जद (एस) नेता एच डी कुमारस्वामी ने भी दावा किया कि खुफिया एजेंसियों के जरिए सत्ताधारी पार्टी के विधायकों और नेताओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
भाषा अविनाश दिलीप
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