‘मिथ्यासुर’ और ‘जे जनलागुलोर आकाश छिलो’ नाटकों ने जीता मेटा-2026 पुरस्कार

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‘मिथ्यासुर’ और ‘जे जनलागुलोर आकाश छिलो’ नाटकों ने जीता मेटा-2026 पुरस्कार

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 07:08 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 07:08 PM IST

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (मेटा) के 21वें संस्करण में नाटक ‘जे जनलागुलोर आकाश छिलो’ और ‘मिथ्यासुर’ को क्रमश: सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ निर्माण श्रेणी में पुरस्कार दिया गया।

यहां कमानी सभागार में बुधवार को आयोजित पुरस्कार समारोह के साथ एक सप्ताह तक चलने वाले थिएटर महोत्सव का समापन हुआ, जिसमें निर्देशन, निर्माण, मंच डिजाइन, कोरियोग्राफी और वेशभूषा डिजाइन सहित 13 श्रेणियों में 10 प्रस्तुतियों ने प्रतिस्पर्धा की।

सौरव पलोधी द्वारा निर्देशित ‘जे जनलागुलोर आकाश छिलो’ को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, कलाकार समूह और मंच डिजाइन के लिए पुरस्कार मिला। सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेत्री का पुरस्कार संयुक्त रूप से ‘जे जनलागुलोर आकाश छिलो’ के लिए टुर्ना दास और ‘समथिंग लाइक ट्रुथ’ के लिए दुशा को दिया गया।

अजीत सिंह पल्लवत द्वारा निर्देशित और उजागर ड्रामेटिक एसोसिएशन द्वारा निर्मित नाटक ‘मिथ्यासुर’ ने सर्वश्रेष्ठ निर्माण और सहायक अभिनेता श्रेणी में पुरस्कार जीता, जिसमें साहिल आहूजा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला।

नाटक के पटकथा लेखक प्रणय पांडे ने ‘धोमी किथा किथा धोमी’ की पटकथा लिखने वाले ओ टी शाहजहां के साथ सर्वश्रेष्ठ मौलिक पटकथा का पुरस्कार साझा किया।

महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (मेटा) के 21वें संस्करण में प्रस्तुत 10 नाट्य-प्रस्तुतियों ने पौराणिक कथाओं, राजनीति, सक्रियता (एक्टिविज़्म), सामाजिक बुराइयों और विचारधाराओं जैसे विषयों को दर्शाया।

नाट्य महोत्सव का आयोजन महिंद्रा ग्रुप द्वारा टीमवर्क्स आर्ट्स द्वारा किया जाता है।

इन प्रस्तुतियों को हिंदी, मलयालम, बांग्ला, मराठी, हिंदुस्तानी, बुंदेलखंडी, संस्कृत, अंग्रेज़ी और ‘गिबरिश’ (बेतुकी/अर्थहीन भाषा) में मंचित किया गया।

महेंद्रा एंड महेंद्रा के वाइस प्रेसिडेंट और सांस्कृतिक आउटरीच के प्रमुख

जय शाह ने एक बयान में कहा,“मेटा 2026 ने एक बार फिर भारतीय रंगमंच को परिभाषित करने वाली अद्भुत प्रतिभा और रचनात्मक साहस की पुष्टि की है। इस वर्ष के महोत्सव में देशभर से विविध कहानियों और आवाज़ों का व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला, जो इस बात को रेखांकित करता है कि रंगमंच विचारों को प्रोत्साहित करने, सहानुभूति विकसित करने और सार्थक संवाद को प्रेरित करने की क्षमता रखता है।”

पुरस्कार समारोह का एक प्रमुख आकर्षण दिग्गज अभिनेता-फिल्मकार अमोल पालेकर को महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया जाना रहा।

ह सम्मान उन्हें भारतीय रंगमंच और सिनेमा में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया।

भाषा शफीक नरेश

नरेश