मिजोरम में 2025 में टीबी से 145 मौत, पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक
मिजोरम में 2025 में टीबी से 145 मौत, पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक
आइजोल, 12 जनवरी (भाषा) मिजोरम में साल 2025 में तपेदिक (टीबी) से कुल 145 लोगों की मौत हुई है, जो पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक संख्या है। मिजोरम में आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
मिजोरम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम के अनुसार, साल के दौरान कुल 2,275 लोग इस बीमारी से ग्रसित पाए गए, जिनमें 911 महिलाएं शामिल हैं। यह 2024 के 2,291 मामलों की तुलना में मामूली गिरावट है।
आंकड़ों के मुताबिक, इन 2,275 नए मामलों में से 1,900 मामले सरकारी केंद्रों में रिपोर्ट हुए, जबकि शेष 375 मामले निजी केंद्रों में सामने आए।
राज्य में 2020 के बाद से तपेदिक से होने वाली मौतों में लगातार वृद्धि हुई है। जहां 2020 में 31 लोगों की मौत हुई थी, वहीं यह संख्या 2021 में बढ़कर 46, 2022 में 87, 2023 में 119 और 2024 में 136 हो गई।
आंकड़ों के अनुसार, 2025 में मिले 2,275 नए मामलों में से 146 लोगों में ‘मल्टी-ड्रग-रेसिस्टेंट’ तपेदिक (एमडीआर-टीबी) की पुष्टि हुई और 267 लोग तपेदिक और एचआईवी/एड्स दोनों से पीड़ित पाए गए।
नए मरीजों में 141 लोग 14 साल से कम उम्र के थे। कुल मिलाकर 84 प्रतिशत मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया।
आइजोल जिले में सबसे अधिक 1,569 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद लुंगलेई में 155 और कोलासिब में 138 मामले सामने आए। सेरछिप जिले में सबसे कम 52 मामले दर्ज किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री तपेदिक मुक्त भारत अभियान’ के तहत ऑनलाइन मंच ‘निक्षय’ के माध्यम से 100 से अधिक लोगों ने टीबी रोगियों को गोद लेने या उनके लिए दान करने के लिए पंजीकरण कराया है।
भाषा
नोमान मनीषा
मनीषा

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