मोदी सरकार ने लद्दाख के लोगों को धोखा दिया: कांग्रेस अध्यक्ष खरगे

मोदी सरकार ने लद्दाख के लोगों को धोखा दिया: कांग्रेस अध्यक्ष खरगे

मोदी सरकार ने लद्दाख के लोगों को धोखा दिया: कांग्रेस अध्यक्ष खरगे
Modified Date: January 23, 2023 / 03:50 pm IST
Published Date: January 23, 2023 3:50 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को आरोप लगाया कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने और पारिस्थितिकी की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र की रक्षा की मांग को न मानकर लद्दाख के लोगों के साथ धोखा किया है।

उन्होंने कहा कि लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत जनजातीय लोगों की सुरक्षा की मांग को न मानकर सरकार रणनीतिक सीमा क्षेत्र में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रही है।

खरगे ने ट्विटर पर कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी जी, लद्दाख के लोग एकजुट होकर केंद्रशासित प्रदेश के लिए राज्य की मांग कर रहे हैं और संविधान की छठी अनुसूची के तहत क्षेत्र के जनजातीय लोगों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। लेकिन आपकी सरकार ने लंबे-चौड़े वादे करने के बावजूद उनके साथ विश्वासघात किया है।’’

यूट्यूब पर साझा किए गए एक वीडियो में लद्दाख के समाज सुधारक सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लद्दाख की सुरक्षा और रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि अध्ययनों में केंद्रशासित प्रदेश में दो तिहाई ग्लेशियरों के विलुप्त होने की बात कही गई है।

उल्लेखनीय है कि बॉलीवुड फिल्म ‘3 इडियट्स’ वांगचुक के जीवन से प्रेरित है।

प्रधानमंत्री से संविधान की छठी अनुसूची के तहत नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप की अपील करते हुए वांगचुक ने अपने वीडियो में कहा, ‘यह लद्दाख (भारतीय हिमालय में) में सोनम वांगचुक की भारत और दुनिया के लोगों से लद्दाख के पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र की रक्षा में मदद करने की तत्काल अपील है।’

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने आरोप लगाया कि लद्दाख के पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील हिमालयी ग्लेशियरों का दोहन करने का, इच्छुक मोदी सरकार के ‘चुनिंदा मित्रों को लाभ पहुंचाने का लालच’ जगजाहिर है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘संवैधानिक सुरक्षा से इनकार करके, आप रणनीतिक सीमा क्षेत्र में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहे हैं। लद्दाख की आवाज सुनें।’

भाषा

नेत्रपाल मनीषा

मनीषा


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