मोदी सरकार के उपायों से ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति में काफी सुधार आया : भाजपा

मोदी सरकार के उपायों से ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति में काफी सुधार आया : भाजपा

मोदी सरकार के उपायों से ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति में काफी सुधार आया : भाजपा
Modified Date: March 12, 2026 / 04:58 pm IST
Published Date: March 12, 2026 4:58 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को भाजपा सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति में काफी सुधार आया है और अब वहां विभिन प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

भाजपा सदस्यों ने कहा कि न सिर्फ अधिकतर गांव सड़कों से जुड़ गए हैं बल्कि उन्हें बिजली जैसी जरूरी सुविधा भी मुहैया करायी गयी है और नक्सल समस्या खत्म होने को है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर उच्च सदन में हुई चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्यों ने पुराने मनरेगा कानून (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का भी जिक्र किया और कहा कि उस कानून के स्थान पर केंद्र द्वारा लाए गए वीबी जी राम जी कानून में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गयी है।

चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्य बंसीलाल गुर्जर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ने के लिए योजना शुरू की थी जिसे मोदी सरकार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ 25,000 गांव या बस्तियां ही बची हैं जिन्हें भी जल्दी ही सड़कों से जोड़ दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हजारों गांवों में बिजली नहीं थी और इस सरकार ने लक्ष्य निर्धारित कर उन गांवों को बिजली से जोड़ दिया।

उन्होंने देश के विकास में गांवों की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आत्मा गांवों में बसती है और अगर गांव विकसित नहीं होंगे तो आत्मा दुखी होगी। उन्होंने कहा कि गांवों की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए और इस सरकार ने इसे ध्यान में रखकर कई उपाय किए हैं।

बंसीलाल गुर्जर ने कहा कि इस सरकार ने स्वामित्व योजना लागू की है जिसे कई राज्यों में अब तक लागू नहीं किया है। इस योजना के तहत व्यक्ति अपने घर का मालिक होता है। उन्होंने पीएम सिंचाई योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले सिंचाई विषय राज्यों पर छोड़ दिया जाता था जिसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ता था। लेकिन इस सरकार की पहले से किसानों को लाभ हो रहा है।

चर्चा के दौरान कांग्रेस सदस्य जयराम रमेश सहित कुछ विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि इस चर्चा को लंबा खींचा जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सत्ता पक्ष के सदस्यों के साथ ही विपक्ष के सदस्यों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए जिसे आसन ने स्वीकार कर लिया।

इस दौरान ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रतिपक्ष के लोग भी कर रहे थे कि भारत की आत्मा गांव में बसती है और गांव का विकास ही भारत का विकास है, ऐसे में इस विषय पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि चर्चा से विपक्ष को क्या आपत्ति है और वह इस विषय पर चर्चा में गंभीर क्यों नहीं है।

भाजपा सदस्य भीम सिंह ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि विदेशी शासकों के पहले भारत में स्वर्ण युग था और इसका कारण उस समय शासन द्वारा ग्रामीण विकास पर ध्यान केंद्रित करना था। उन्होंने कहा कि बाद के शासकों मुगलों और अंग्रेजों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

सिंह ने कहा कि मुगलों ने ताजमहल और लालकिला का निर्माण कराया जिस पर बड़ी रकम खर्च हुई लेकिन उन्होंने सिंचाई या तटबंध के निर्माण पर जोर नहीं दिया। यही स्थिति अंग्रेजों की भी रही। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति बिगड़ती गयी।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने भी गांवों के विकास पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा के विकास पर जोर दिया और 10 हजार से अधिक पुलों का निर्माण कराया।

सिंह ने कहा कि इस सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पक्का मकान तो दिया ही, उसके साथ उनके भोजन और नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था की तथा बिजली भी पहुंचा दी।

भाजपा सदस्य बृजलाल ने भी मोदी सरकार के विभिन्न कदमों की सराहना की और कहा कि इससे नक्सलियों पर काबू पाने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने ग्रामीण सड़क योजना की शुरूआत की थी और इस सरकार ने उसे आगे बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 2016 में सड़कों का निर्माण शुरू किया गया जब देश का एक बड़ा हिस्सा नक्सलियों के कब्जे में था। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से अब नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है।

भाषा अविनाश माधव

माधव


लेखक के बारे में