मोदी ने दुनिया को भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया
मोदी ने दुनिया को भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया
नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) डेटा सेंटर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बजट में प्रोत्साहन दिए जाने के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को डिजिटल अवसंरचना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का वैश्विक केंद्र बनाने पर रविवार को जोर दिया और कहा कि देश दुनिया का डेटा संभालने के लिए तैयार है और तकनीकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘बजट में घोषित कर प्रोत्साहन इस क्षेत्र में निवेश को तेजी से बढ़ाने, उन्नत सुविधाओं के निर्माण की लागत कम करने और भारत को डेटा अवसंरचना के लिए एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।’’
प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर सशक्त संदेश देते हुए कहा, ‘‘हम पूरी दुनिया के डेटा को भारत में रखने के लिए आमंत्रित करते हैं।’’
अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए हाल ही में पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि अमेजन, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के लिए 2047 तक कर छूट का प्रस्ताव रखा गया है।
सरकार ने विदेशी ‘क्लाउड’ कंपनियों की संबंधित इकाई द्वारा प्रदान की जाने वाली डेटा सेंटर सेवाओं की लागत पर 15 प्रतिशत की छूट का भी प्रस्ताव रखा है। इस कदम से उन विदेशी ‘क्लाउड’ कंपनियों को लाभ होने की उम्मीद है, जो समूह इकाइयों के माध्यम से अपने देश में परिचालन का ढांचा तैयार कर रही हैं। इससे उन्हें अधिक कर निश्चितता मिलेगी और परिचालन दक्षता में सुधार होगा।
मोदी ने डेटा केंद्रों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम प्रौद्योगिकी के बारे में सोचते हैं, तो अक्सर हमारा ध्यान उन चीजों पर केंद्रित होता है, जो दिखाई देती हैं, जैसे कि एप्लिकेशन, प्लेटफॉर्म और उपकरण। लेकिन उतनी ही महत्वपूर्ण वे मूलभूत परतें भी हैं, जो इन सभी चीजों को संभव बनाती हैं। डेटा केंद्र ऐसी ही एक महत्वपूर्ण परत है।’’
इसे एआई से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र को देखते हुए इसका महत्व और भी स्पष्ट हो जाता है। एआई को कंप्यूटिंग पावर और डेटा-सेंटर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। आज क्षमता बढ़ाकर हम एक समृद्ध भारतीय एआई परिवेशी तंत्र की आधारशिला रख रहे हैं।’’
इस क्षमता को पहचानते हुए, हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय कंपनियों द्वारा इस क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा की जा चुकी है।
मोदी ने एक लिखित साक्षात्कार में कहा, ‘‘बजट में घोषित कर प्रोत्साहनों का उद्देश्य इस क्षेत्र में निवेश को गति देना, उन्नत सुविधाओं के निर्माण की लागत को कम करना और भारत को डेटा अवसंरचना के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इसका परिणाम यह भी होगा कि हमारे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे।’’
वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रधानमंत्री ने अपील करते हुए कहा, ‘‘हम पूरी दुनिया के डेटा को भारत में रखने के लिए आमंत्रित करते हैं।’’
उनका यह प्रस्ताव भारत में तकनीकी दिग्गजों, एआई व्यापार जगत के प्रमुख हस्तियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और नवप्रवर्तकों के वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी से एक दिन पहले आया। प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी ‘ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट’ से पहले आई है, जो 16 से 20 फरवरी तक नयी दिल्ली में आयोजित होगा। इसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा समेत 60 से अधिक देशों के प्रमुख भाग लेंगे।
मोदी ने कहा कि भारत को डिजिटल अपनाने से आगे बढ़कर डिजिटल नेतृत्व की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और डेटा-संचालित दुनिया में, केवल भागीदारी नहीं, बल्कि नेतृत्व ही समावेशन, प्रतिस्पर्धात्मकता और विकास को निर्धारित करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘विश्व अपने तकनीकी परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलावों से गुजर रहा है। अब, राष्ट्र केवल डिजिटल अपनाने से संतुष्ट नहीं हो सकते, बल्कि उन्हें डिजिटल नेतृत्व की आकांक्षा भी रखनी चाहिए। जैसा कि हमने डिजिटल भुगतान क्षेत्र में देखा, डिजिटल नेतृत्व के बिना डिजिटल समावेशन संभव नहीं हो सकता।’’
ऐतिहासिक तुलना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘औद्योगिक क्रांति के दौरान, हम उपनिवेशवाद के कारण पीछे रह गए थे। पहले की विनिर्माण क्रांति के दौरान, स्वतंत्रता के बाद की सरकारों की उपेक्षा के कारण हम पीछे रह गए थे। लेकिन अब, इस तकनीकी और डेटा-आधारित क्रांति में, यह महत्वपूर्ण है कि हम नेतृत्व करें।’
उन्होंने कहा कि भारत का विशाल आकार और विविधता इसे एक अनूठा लाभ प्रदान करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘140 करोड़ की महत्वाकांक्षी आबादी वाला भारत, विश्व में डेटा के सबसे बड़े उत्पादकों और उपभोक्ताओं में से एक है। हम विश्व के सबसे विविध देशों में से एक हैं और हमारा डेटा भी इस विविधता को दर्शाता है। इतने विशाल और विविध डेटा भंडार में अपार संभावनाएं तभी हैं, जब इसका सुरक्षित और सकारात्मक तरीके से उपयोग किया जा सके। इसलिए हम सुरक्षा, कौशल, सॉफ्टवेयर और बुनियादी ढांचे सहित डेटा परिवेशी तंत्र के हर पहलू पर ध्यान दे रहे हैं।’’
सुरक्षा उपायों पर उन्होंने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 का हवाला दिया। उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा के लिए, हम डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून लाये हैं, ताकि एक सुरक्षित, संरक्षित, गोपनीयता की रक्षा करने वाला और अधिकारों पर आधारित ढांचा तैयार किया जा सके, जो नागरिकों को सशक्त बनाए।’
मोदी ने कहा कि प्रतिभा और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में भारत की क्षमता को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है। उन्होंने कहा, ‘कौशल और सॉफ्टवेयर की बात करें, तो डेटा- साइंस के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की प्रतिभा विश्व प्रसिद्ध है।’
भाषा
अमित दिलीप
दिलीप

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