मोदी शायद वर्ष 2026 के अंत तक प्रधानमंत्री नहीं रह पाएंगे: केजरीवाल

मोदी शायद वर्ष 2026 के अंत तक प्रधानमंत्री नहीं रह पाएंगे: केजरीवाल

मोदी शायद वर्ष 2026 के अंत तक प्रधानमंत्री नहीं रह पाएंगे: केजरीवाल
Modified Date: March 23, 2026 / 10:40 pm IST
Published Date: March 23, 2026 10:40 pm IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) विपक्षी नेताओं ने सोमवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार का राजनीतिक दबदबा कम हो रहा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2026 के अंत तक शायद अपने पद पर बने नहीं रह पाएंगे।

केजरीवाल ने शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत की पुस्तक ‘अनलाइकली पैराडाइज’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि उनका ‘दिल और राजनीतिक समझ’ यही कहती है कि शायद मोदी 2026 के अंत तक प्रधानमंत्री नहीं रह पाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मोदी और शाह दोनों का ‘शासन समाप्त होगा।’

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने सत्ताधारी तंत्र पर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक चर्चा को लेकर नियंत्रण खोने का दावा भी किया। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां सरकारी तंत्र ऑनलाइन आलोचना को दबा सकता था, वहीं अब प्रधानमंत्री को निशाना बनाने वाली नकारात्मक टिप्पणियां और ‘मीम’ व्यापक रूप से फैल रही हैं।

केजरीवाल ने कहा, “एक समय था जब मोदी के खिलाफ मीम बनाने पर भी लोगों को जेल भेज दिया जाता था। आज सोशल मीडिया आलोचनाओं से भरा पड़ा है, जो उनकी लोकप्रियता में गिरावट को दर्शाता है।”

चुनावी धांधली का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि चुनाव “भ्रष्टाचार के बल पर जीते जा रहे हैं” और उन्होंने अपने निजी अनुभव का उदाहरण दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि जेल जाने से पहले उन्हें लगभग 1.48 लाख वोट मिले थे, लेकिन रिहाई के बाद लगभग 42,000 वोट ‘हटा दिए गए’, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 3,000 वोट के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा।

केजरीवाल ने दावा किया कि उन्होंने पहले इसी सीट पर 30,000 वोट के अंतर से जीत हासिल की थी और सत्ताधारी पार्टी पर ‘चुनाव जीतने के लिए धांधली’ का आरोप लगाया।

इस मौके पर प्रवर्तन निदेशालय और निर्वाचन आयोग जैसी एजेंसियों पर भी निशाना साधा गया।

केजरीवाल ने कहा, ‘मोदी की लोकप्रियता घट रही है, लेकिन फिर भी वह चुनाव जीत रहे हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? निर्वाचन आयोग जिम्मेदार है।’

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी ने ‘निर्वाचन आयोग को बाजीगरी नहीं करने दी।’

ओ’ब्रायन ने कहा, ‘चार मई को बंगाल की जनता मोदी और शाह को हराएगी नहीं, बल्कि उन्हें अपमानित करेगी… अगली बड़ी लड़ाई फरवरी 2027 में उत्तर प्रदेश में होगी… ये दोनों जरूर होंगे।’

इस बीच, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय और निर्वाचन आयोग ‘एक ही सिक्के के दो पहलू’ हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर निर्वाचन आयोग मशीन-पठनीय मतदाता सूचियां तैयार करता है और मतपत्रों से चुनाव कराता है, तो मोदी और शाह कभी नहीं जीत सकते।’

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल या किसी भी आम आदमी पार्टी के नेता के आवास से एक रुपया भी नहीं मिला। उन्होंने कहा, ‘यह सरकार के मुंह पर सबसे बड़ा तमाचा है।’

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि प्रवर्तन निदेशालय ‘क्या’ कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘वे वास्तव में कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें मानवाधिकारों की कोई परवाह नहीं है।’

राउत की किताब उनके जेल के अनुभवों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जेल में रहते हुए उन्होंने सीखा कि मानवीय भावना कितनी शक्तिशाली होती है। उन्होंने कहा, ‘हम इंतजार करेंगे, और इसके लिए जिम्मेदार लोग भी एक दिन वहां (जेल) भेजे जाएंगे।’

ओ’ब्रायन ने कहा कि संसद में उनकी मुलाकात हर दिन 15-20 ऐसे लोगों से होती है, जिन्हें ‘जेल में होना चाहिए था, लेकिन वे भाजपा में शामिल हो गए और जेल नहीं गए।’

भाषा अमित सुरेश

सुरेश


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