बाइक सवार मौत मामला:गड्ढे में गिरने की सूचना नहीं देने पर उप-ठेकेदार के बाद उसका मजदूर भी गिरफ्तार

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बाइक सवार मौत मामला:गड्ढे में गिरने की सूचना नहीं देने पर उप-ठेकेदार के बाद उसका मजदूर भी गिरफ्तार

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  • Publish Date - February 8, 2026 / 04:07 PM IST,
    Updated On - February 8, 2026 / 04:07 PM IST

नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी में एक खुले 15 फुट गहरे गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय बाइक सवार की मौत के मामले में उप-ठेकेदार द्वारा काम पर रखे गए एक मजदूर को भी रविवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि उप-ठेकेदार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दरादे शरद भास्कर ने बताया कि पुलिस ने योगेश (23) नामक मजदूर को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया उस पर आरोप है कि उसने बाइक सवार के गिरने की सूचना पुलिस या आपातकालीन सेवाओं को नहीं दी और बाद में जब बाइक सवार के परिजन उसके बारे में जानकारी लेने पहुंचे तो उन्हें गुमराह किया।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि योगेश हादसे के समय मौके पर मौजूद था और वह उन शुरुआती लोगों में शामिल था जिन्हें यह जानकारी हुई कि एक बाइक सवार दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा सीवर से जुड़े कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गया है।

पुलिस उपायुक्त ने बताया, ‘‘योगेश ने रात के समय इस घटना की जानकारी उप-ठेकेदार राजेश कुमार प्रजापति को दी थी, लेकिन पुलिस या किसी भी आपात एजेंसी को इसकी सूचना नहीं दी। बाद में जब उस रात बाद में बाइक सवार के परिजन उसकी तलाश में मौके पर पहुंचे तो योगेश ने अनभिज्ञता जताते हुए उन्हें गुमराह किया।’’

योगेश बाद में वहां से फरार हो गया

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि योगेश को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया गया।

यह कार्रवाई ऐसे समय की गई है जब एक दिन पहले पुलिस ने 47 वर्षीय राजेश कुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि घटना की जानकारी कई घंटे पहले होने के बावजूद उसने पुलिस को सूचित नहीं किया।

पुलिस ने बताया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने आगे की जांच के लिए आरोपी को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से पता चला है कि योगेश ने रात करीब 12.22 बजे राजेश कुमार प्रजापति से संपर्क किया था, जिसके बाद उप-ठेकेदार 15–20 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गया।

पुलिस ने बताया कि हालांकि, पुलिस को घटना की सूचना अगली सुबह करीब आठ बजे दी गई, तब तक बाइक सवार की मौत हो चुकी थी।

पुलिस ने पहले बताया था कि एक सुरक्षा गार्ड द्वारा सतर्क किए जाने के बाद योगेश ने गड्ढे के भीतर झांककर देखा था, उसने अंदर देखा कि मोटरसाइकिल की हेडलाइट जल रही थी और एक व्यक्ति वहां पड़ा था।

पुलिस के अनुसार, कैलाशपुरी निवासी और एक निजी बैंक में कार्यरत कमल ध्यानी बृहस्पतिवार और शुक्रवार की दरमियानी रात जनकपुरी में लगभग 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गए थे। यह हादसा उस समय हुआ जब कमल ध्यानी घर लौट रहे थे।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित के परिजनों ने पूरी रात कई अस्पतालों, पुलिस थानों और विभिन्न इलाकों में, गड्ढे के आसपास भी, उसकी तलाश की, लेकिन कहीं भी किसी हादसे का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि बाद में मोबाइल फोन लोकेशन डेटा के आधार पर परिजनों और पुलिस कर्मियों ने जनकपुरी इलाके में तलाश तेज की और कई घंटे बाद दुर्घटना स्थल का पता चला।

पुलिस ने बताया कि जनकपुरी थाने में उप-ठेकेदार और संबंधित दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार, योगेश की भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि घटना के क्रम को स्पष्ट करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

इस मामले में डीजीबी के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

भाषा अमित संतोष

संतोष